खनि निरीक्षक नियुक्ति
मुख्यमंत्री ने दिया पारदर्शिता और निष्ठा का संदेश
रायपुर में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने अपने निवास कार्यालय में छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग द्वारा चयनित नव नियुक्त खनि निरीक्षकों को नियुक्ति पत्र प्रदान किए। इस अवसर पर उन्होंने युवाओं को ईमानदारी, पारदर्शिता और निष्ठा के साथ कार्य करने का संदेश दिया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ खनिज संपदा की दृष्टि से देश के सबसे समृद्ध राज्यों में से एक है और खनिज प्रशासन के प्रभावी संचालन में मैदानी अमले की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण होती है।
खनिज संपदा से समृद्ध है छत्तीसगढ़
मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य की धरती अनेक बहुमूल्य खनिजों से परिपूर्ण है, जिनमें शामिल हैं:
- लौह अयस्क
- कोयला
- बॉक्साइट
- लाइमस्टोन
- टिन
- डायमंड
- गोल्ड
- लिथियम
ये खनिज राज्य के राजस्व का प्रमुख स्रोत हैं। सरकार खनिज राजस्व में वृद्धि और संसाधनों के सुव्यवस्थित उपयोग के लिए लगातार प्रयास कर रही है।
नई नियुक्तियों से विभाग होगा मजबूत
उल्लेखनीय है कि छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग द्वारा 15 अक्टूबर 2025 को 33 खनि निरीक्षकों की चयन सूची जारी की गई थी। इसके बाद 19 फरवरी 2026 को खनिज साधन विभाग ने 32 खनि निरीक्षकों की नियुक्ति के आदेश जारी किए।
इनमें से 30 नव चयनित अधिकारियों को आज मुख्यमंत्री ने नियुक्ति पत्र प्रदान किए।
मुख्यमंत्री ने विश्वास जताया कि ये युवा अधिकारी:
- खनिज अन्वेषण को गति देंगे
- अवैध खनन पर नियंत्रण मजबूत करेंगे
- राजस्व वृद्धि में योगदान देंगे
- प्रशासनिक पारदर्शिता सुनिश्चित करेंगे
बड़ी जिम्मेदारी, बड़ा अवसर
मुख्यमंत्री ने कहा कि खनि निरीक्षक का पद केवल नौकरी नहीं, बल्कि राज्य की प्राकृतिक संपदा के संरक्षण और सही उपयोग की बड़ी जिम्मेदारी है।
उन्होंने युवाओं को प्रेरित करते हुए कहा कि देश और प्रदेश का भविष्य युवाओं पर निर्भर करता है। नई पीढ़ी की ऊर्जा और प्रतिबद्धता से ही विकास को नई दिशा मिलती है।
कार्यक्रम में रहे वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित
इस अवसर पर छत्तीसगढ़ खनिज विकास निगम के अध्यक्ष सौरभ सिंह, सचिव खनिज साधन विभाग पी. दयानंद, संचालक भौमिकी एवं खनिकर्म रजत बंसल सहित विभाग के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
विकास की ओर एक और कदम
खनि निरीक्षक नियुक्ति से खनिज प्रशासन की जमीनी व्यवस्था मजबूत होगी और राज्य के संसाधनों का बेहतर प्रबंधन संभव हो सकेगा।
यह कदम छत्तीसगढ़ को खनिज प्रबंधन के क्षेत्र में अधिक पारदर्शी, सशक्त और राजस्व समृद्ध राज्य बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।