मजिस्ट्रेट जांच के दौरान कुल 15 लोगों से पूछताछ की गई।

राजधानी दिल्ली के ओल्ड राजेंद्र नगर कोचिंग हादसे की मजिस्ट्रेट जांच में एमसीडी के भवन और कार्य विभाग के अलावा फायर डिपार्टमेंट को भी जिम्मेदार ठहराया गया है। मजिस्ट्रेट जांच के दौरान एमसीडी, जल बोर्ड, अग्निशमन विभाग के अधिकारियों एवं छात्रों समेत कुल 15 लोगों से पूछताछ की गई।

जांच रिपोर्ट के मुताबिक, दोनों विभाग के अधिकारियों को बेसमेंट में लाइब्रेरी के संचालन और नाले पर अतिक्रमण की जानकारी थी, इसके बाद भी उन्होंने कोचिंग सेंटर पर  कोई कार्रवाई नहीं की। वह भी तब जब बीते साल सितंबर में एमसीडी ने कोचिंग को कारण बताओ नोटिस जारी किया था और फायर डिपार्टमेंट के एक अधिकारी ने बीती 1 जुलाई को कोचिंग सेंटर का निरीक्षण किया था।

मध्य जिला मजिस्ट्रेट ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि एमसीडी के भवन विभाग को पता था कि लाइब्रेरी बेसमेंट में चल रही है, इसके बावजूद अगस्त 2023 में कोचिंग के सर्वे के दौरान उसे सील नहीं किया गया।

रिपोर्ट में एमसीडी के कार्य विभाग को भी जिम्मेदार ठहराया गया है। एमसीडी ने यहां नाले पर हुए अतिक्रमण को नहीं हटाया। साथ ही निचला इलाका होने के कारण जलभराव की संभावना होने के बावजूद नालों से पांच साल से गाद नहीं निकाली गई है।

रिपोर्ट के अनुसार, अग्निशमन विभाग के एक अधिकारी ने 1 जुलाई को मौके पर निरीक्षण किया। मगर उन्होंने बेसमेंट में लाइब्रेरी चलने की जानकारी एमसीडी को नहीं दी। साथ ही अग्निशमन विभाग को एमपीडी-2021 के भवन उपनियम प्रावधानों के उल्लंघन में पुस्तकालय के रूप में बेसमेंट के दुरुपयोग को छुपाते हुए 9 जुलाई को अग्नि सुरक्षा प्रमाणपत्र नहीं देना चाहिए था।

सीबीआई ने हाईकोर्ट के आदेश के बाद बुधवार को राव आईएएस स्टडी के मालिक अभिषेक गुप्ता के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। वह बेसमेंट में पानी भरने से छात्रों की मौत मामले की जांच करेगी। जांच एजेंसी ने दिल्ली पुलिस से मामले की जांच अपने हाथ में ली है। अधिकारियों ने बताया कि कोचिंग सेंटर के मालिक के खिलाफ दोबारा मामला दर्ज किया है। 

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