गाजियाबाद के डासना देवी मंदिर के महंत नरसिंहानंद यति के विवादित बयान पर मचे बवाल के बीच लोनी विधायक नंदकिशोर गुर्जर डासना देवी मंदिर पहुंचे और नरसिंहानंद यति का बचाव किया। इसी के साथ उन्होंने रात को हंगामे की आलोचना भी की। उन्होंने कहा, रात को जो हुआ वह बेहद निंदनीय है। उन्होंने यति का बचाव करते हुए कहा कि उन्होंने जो कहा, वह बिल्कुल अलग विषय था। जिस तरह से सनातन धर्म पर हमले हो रहे हैं, बांग्लादेश में जैसे हालात हुए, उससे स्वभाविक है कि आवेश में इस तरह की बात निकल जाए।
उन्होंने कहा, पुलिस ने रात को लाठीचार्ज करने का नाटक तो किया लेकिन 10-20 लोगों का एनकाउंटर भी करना चाहिए था। यह हमला पूरे हिन्दुत्व पर है। अगर रात को 10-20 लोग मर जाते तो इस तरह के हमले करने वाले नहीं होते।
उन्होंने रात में हुए बवाल नाराजगी जताते हुए कहा, जब सिर तन से जुदा के नारे लगते हैं तो हिन्दू समाज के लोग मस्जिद पर जाकर पथराव करते हैं क्या? उन्होंने कल रात हुआ हमला हिन्दुओं की आस्था और सनातन धर्म पर हमला था। जो लोग इस मामले में गिरफ्तार ना हो, उनपर ईनाम बोलकर उनका एनकाउंटर किया जाए। उन्होंने दावा किया बवाल में ज्यादातर लोग आतंकवादी और रोहिंग्या थे।
बता दें, यति नरसिंहानंद के पैंगबर पर दिए विवादित बयान से भड़के लोगों नेशुकवार शाम को कैला भट्टा में विरोध प्रदर्शन किया था। यहां बड़ी संख्या में स्थानीय लोगों ने यति के बयान पर विरोध जताया। इसके अलावा डासना स्थित देवी मंदिर बाहर शुक्रवार देर रात मंदिर पर एक समुदाय से जुड़े कुछ लोगों ने विरोध प्रदर्शन किया। हालांकि मौके पर मौजूद पुलिस बल ने सभी को वहां से खदेड़ दिया। साथ ही मंदिर के आसपास भारी पुलिस बल तैनात की गई।
विधायक नंदकिशोर गुर्जर ने कहा कि 10 लोगों के दावे पर कहा कि वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि वहां 2 हजार से ज्यादा लोग थे। उन्होंने कहा, प्रदर्शनकारी पूरी प्लानिंग से आए थे। अगर साधुओं को मार देते, मूर्तियों को खंडित कर देते तो किसकी जिम्मेदारी होती।