पूर्व वित्त मंत्री और कांग्रेस के सीनियर नेता पी चिदंबरम ने आरक्षण को लेकर मोदी सरकार पर जमकर निशाना साधा. उन्होंने कहा कि पीएम मोदी के नेतृत्व वाली बीजेपी सरकार आरक्षण खत्म करने में संकोच नहीं करेगी. चिदंबरम ने कहा कि 13 वां संशोधन, जिसमें आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों (EWS) को 10 प्रतिशत कोटा दिया जाता है. वह आरक्षण को कमजोर करता है.
ये बातें पी चिदंबरम ने मुंबई में गुरुवार को इंडिया टुडे कॉन्क्लेव 2024 में कहीं. उनके सत्र का शीर्षक ‘नए भारत के लिए कांग्रेस का खाका’ था. जब उनसे पूछा गया कि क्या कांग्रेस ने जानबूझकर यह दुष्प्रचार किया कि संविधान खतरे में है और BJP लोकसभा चुनावों के बाद दोबारा सत्ता में आने पर आरक्षण हटा देगी, तो चिदंबरम ने कहा,’भाजपा संविधान में संशोधन करेगी. वे इसकी तैयारी कर रहे थे.’
सीनियर कांग्रेस नेता ने कहा,’आम चुनावों में बहुमत न मिलने के बावजूद भाजपा संविधान में संशोधन करने की योजना बना रही है. मोदी सरकार आरक्षण खत्म करने या उसे कम करने में संकोच नहीं करेगी.’ EWS के लिए 10 प्रतिशत आरक्षण को बरकरार रखने के सुप्रीम कोर्ट के 2022 के फैसले के बारे में कांग्रेस नेता ने कहा,’पांच जजों ने 3:2 से फैसला सुनाया. क्या किसी ने दो सबसे प्रतिभाशाली जजों की असहमति को पढ़ा? एक दिन 3:2 के फैसले को पलटा जा सकता है और उम्मीद है कि यह जल्द ही होगा.’
चिदंबरम से पूछा गया कि कांग्रेस ने दावा किया कि संविधान खतरे में हैं. राहुल गांधी ने संविधान हाथ में लेकर पूरे देश में यात्रा की और कहा कि अगर बीजेपी दोबारा सत्ता में आती है तो संविधान खतरे में आ जायेगा. इस पर चिदंबरम ने कहा,’ संविधान खतरे में है. मैंने 100 से ज्यादा गांवों में जाकर प्रचार किया. आपको यह लगता है कि सिर्फ शहर के लोगों को ही इस बात की चिंता होनी चाहिए, लेकिन ऐसा नहीं है. गांवों में भी मैंने बताया कि संविधान खतरे में है.’