जाको राखे साइयां, मार सके न कोय। बिहार के नवााद में यह कहावत सोमवार को उस वक्त चरितार्थ दिखी जब 10 माह के एक बच्चे ने खेल-खेल में एक सांप को न सिर्फ पकड़ लिया बल्कि अपने मुंह में भी ले लिया। हालांकि कोई अनहोनी हो, इससे पूर्व ही बच्चे के पिता ने देख लिया और आनन-फानन में अपने हाथ से ही सांप को खींच कर हटाया और उसे मार डाला। इसके बाद दोनों पति-पत्नी अपने बच्चे और मरे हुए सांप को लेकर बदहवास सदर अस्पताल पहुंच गए। चिकित्सकों ने तत्काल बच्चे की जांच की। राहत की बात यह रही कि सांप ने बच्चे को कोई नुकसान नहीं पहुंचाया था। इस बीच, जिसने भी इस अजीबोगरीब घटना के बारे में सुना, उसने दांतो तले ऊंगली दबा लिया। पूरे मोहल्ले में इस घटना से सनसनी फैल गयी।
नवादा नगर क्षेत्र के शिवनगर मोहल्ले में यह घटना घटित हुई है। बताया जा रहा है कि शिवनगर मोहल्ले के निवासी चंद्रमणिकांत के 10 माह के बेटे हर्ष राज के साथ यह घटना घटी। हर्ष राज घर में खेल रहा था, तभी सांप उसके पास आ गया। जिसे हर्ष ने नादानी में पकड़ लिया और खेलते-खेलते उसे अपने मुंह में दबा लिया। ऐसा देख परिजनों के होश उड़ गए। बच्चे के पिता की तत्परता से बच्चे को कोई नुकसान नहीं हो सका।
सदर अस्पताल में बच्चे की जांच करने के बाद चिकित्सकों ने बताया कि बच्चा पूरी तरह से स्वस्थ है। चूंकि सांप जहरीला नहीं था इसलिए बच्चे को कोई नुकसान नहीं पहुंचा। सांप के जहरीला नहीं होने की बात से परिजनों ने राहत की सांस ली। फिलहाल, बच्चे की हालत खतरे से बाहर बताते हुए चिकित्सकों ने उसे डिस्चार्ज कर दिया है। इधर, आसपास के जानकार लोगों ने भी मरे हुए सांप को देखा तो इसे तेलिया सांप करार दिया, जो जहरीला नहीं होता है।
जानकारों ने बताया कि तेलिया सांप असल में छिपकली जाति का एक जीव है, जिसे लोग सांप समझकर मार देते हैं। यह केंचुए जैसा दिखता है, लेकिन सांप जैसा चलता है। इसमें जहर नहीं होता और इंसानों को कोई नुकसान नहीं पहुंचाता। इस सांप को ब्लाइंड स्नेक, फ्लावरपॉट स्नेक, कॉमन ब्लाइंड स्नेक, आइलैंड ब्लाइंड स्नेक, हवाईयन ब्लाइंड स्नेक आदि नामों से भी जाना जाता है।