उत्तराखंड में सौंग बांध परियोजना के वाटर ट्रीटमेंट प्लांट के लिए एक हजार हरे पेड़ काटे जाएंगे। मालदवेता के पास द्वारा इलाके में इसके लिए चिन्हित करीब चार हेक्टेयर वन भूमि पर वन विभाग ने पेड़ों की गिनती शुरू कर दी है। इसके बाद उनके कटान की परमिशन ली जाएगी। इस ट्रीटमेंट प्लांट के लिए पहले खलंगा में वन भूमि चिन्हित की गई थी, जिसमें दो हजार पेड़ कटने थे, लेकिन भारी विरोध के चलते वन विभाग ने यह भूमि देने से इनकार कर दिया था।
दरअसल, सौंग बांध से दून शहर और इसके आसपास पीने के पानी की सप्लाई होनी है। इसके पानी के ट्रीटमेंट के लिए प्लांट लगाया जाना है। इसी प्लांट के लिए पहले खलंगा में वन भूमि दी जानी थी, जहां करीब दो हजार पेड़ काटे जाने का प्रस्ताव था। वन विभाग और पेयजल निगम ने पेड़ों की गिनती करके निशान लगाने शुरू कर दिए थे। लेकिन, वहां ऐतिहासिक खलंगा स्मारक और जंगल काफी घना होने के चलते काफी विरोध हुआ था। दून के तमाम पर्यावरण प्रेमी प्रदर्शन कर रहे थे।
लोग खलंगा में पेड़ों से चिपके और धागे भी बांधे। भारी विरोध के चलते वन विभाग को ही इस प्रोजेक्ट के लिए वन भूमि देने से मना करना पड़ा। इसके बाद द्वारा में वन भूमि चिन्हित की गई, जिसमें पेड़ों की गिनती शुरू हो गई है। करीब एक हजार पेड़ इस प्रोजेक्ट के लिए काटे जाने की संभावना है। रायपुर रेंज के डिप्टी रेंजर वीडी जोशी ने बताया कि द्वारा में ट्रीटमेंट प्लांट के लिए करीब 4.2 हेक्टेयर वन भूमि चिन्हित की गई है, जिसमें पेड़ों की गिनती की जा रही है।