सरगुजा ओलंपिक में 10,577 खिलाड़ियों का जलवा: अब संभाग स्तरीय मंच पर चमकेंगे जिले के विजेता

सरगुजा ओलंपिक


छत्तीसगढ़ में पहली बार आयोजित हो रहे Sarguja Olympic ने खेल प्रतिभाओं को नया मंच दिया है। जिला स्तरीय प्रतियोगिताओं में सरगुजा संभाग के सभी 6 जिलों से कुल 10,577 खिलाड़ियों ने भाग लेकर अपने कौशल और दमखम का शानदार प्रदर्शन किया।

5 फरवरी से 13 फरवरी के बीच अलग-अलग जिला मुख्यालयों में आयोजित इन प्रतियोगिताओं में खिलाड़ियों का उत्साह देखते ही बनता था। विकासखंड स्तर पर विजेता रहे खिलाड़ियों ने जिला स्तर पर पहुंचकर अपनी प्रतिभा को और निखारा।


किन जिलों से कितने खिलाड़ी?

जिला स्तरीय मुकाबलों में भागीदारी इस प्रकार रही:

  • कोरिया – 510 खिलाड़ी
  • जशपुर – 3,126 खिलाड़ी
  • मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर – 706 खिलाड़ी
  • सरगुजा – 1,797 खिलाड़ी
  • बलरामपुर-रामानुजगंज – 2,424 खिलाड़ी
  • सूरजपुर – 2,014 खिलाड़ी

इन सभी जिलों के विजेता खिलाड़ी अब संभाग स्तरीय प्रतियोगिता में अपनी प्रतिभा का परचम लहराएंगे।


12 खेलों में दिखाया शानदार प्रदर्शन

जिला स्तरीय प्रतियोगिताओं में कुल 12 खेलों का आयोजन हुआ, जिनमें 5 व्यक्तिगत और 7 दलीय स्पर्धाएं शामिल रहीं।

व्यक्तिगत खेल:

  • एथलेटिक्स (100, 200, 400 मीटर दौड़, लंबी कूद, ऊंची कूद, शॉटपुट, डिस्कस थ्रो, जैवलिन थ्रो, 400 मीटर रिले)
  • तीरंदाजी (इंडियन राउंड)
  • बैडमिंटन
  • कुश्ती
  • कराटे

दलीय खेल:

  • फुटबॉल
  • हॉकी
  • कबड्डी
  • खो-खो
  • वॉलीबॉल
  • रस्साकसी
  • बास्केटबॉल

प्रतियोगिताएं जूनियर वर्ग (14–17 वर्ष) और सीनियर वर्ग (18 वर्ष से अधिक) में आयोजित की गईं, जिसमें बालक-बालिका और महिला-पुरुष दोनों वर्गों के खिलाड़ियों ने भाग लिया।


राज्य खेल अकादमी में मिलेगा सीधा प्रवेश

संभाग स्तरीय विजेताओं को खेल एवं युवा कल्याण विभाग द्वारा राज्य में संचालित खेल अकादमियों में सीधा प्रवेश दिया जाएगा।

इसके अलावा:

  • विजेताओं को यूथ आइकॉन घोषित किया जाएगा
  • वे बच्चों और युवाओं को खेलों से जुड़ने के लिए प्रेरित करेंगे
  • खेल संस्कृति को गांव-गांव तक बढ़ावा मिलेगा

पहले चरण में रिकॉर्ड पंजीयन

सरगुजा ओलंपिक के विकासखंड स्तरीय पहले चरण में 32 विकासखंडों से कुल 3,49,370 खिलाड़ियों ने पंजीयन कराया था।

इनमें:

  • 1,59,712 पुरुष खिलाड़ी
  • 1,89,658 महिला खिलाड़ी

शामिल थीं। महिला खिलाड़ियों की बड़ी भागीदारी इस आयोजन की खास उपलब्धि रही।


खेलों से बदल रही तस्वीर

सरगुजा ओलंपिक केवल प्रतियोगिता नहीं, बल्कि ग्रामीण और शहरी युवाओं को खेलों से जोड़ने का सशक्त अभियान बन गया है।

  • प्रतिभाओं को स्थानीय मंच
  • खेल अकादमी तक सीधी पहुंच
  • युवाओं में अनुशासन और आत्मविश्वास
  • नशामुक्त और स्वस्थ समाज की दिशा

अब सबकी नजरें संभाग स्तरीय मुकाबलों पर हैं, जहां जिले के विजेता खिलाड़ी अपनी प्रतिभा से नई चमक बिखेरने को तैयार हैं। सरगुजा ओलंपिक छत्तीसगढ़ में खेल क्रांति की मजबूत शुरुआत साबित हो रहा है।

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