फरीदाबाद में साइबर क्राइम थाना पलवल की टीम ने एक बड़ी सफलता हासिल करते हुए डिजिटल अरेस्ट कर ठगी करने वाले 11 जालसाजों को देश के कई हिस्सों से गिरफ्तार किया है। आरोपियों ने देशभर में करीब 101 लोगों से लगभग 70 करोड़ रुपए की ठगी की है। उनके पास से पुलिस को 31 मोबाइल फोन, पांच डेबिट कार्ड, आठ चेकबुक, एक होंडा सिटी कार, एक टाटा सफारी वाहन और दो सुजुकी सियाज कार समेत नौ लाख रुपए बरामद हुए हैं। पुलिस मामले में शामिल अन्य आरोपियों को तलाश कर रही है।
डीएसपी पलवल विशाल कुमार ने बताया कि 23 अक्टूबर को साइबर अपराध थाना पलवल में एक मामला दर्ज किया गया था। शिकायतकर्ता न्यू पलवल निवासी अनिल अपनी शिकायत में बताया था कि कुछ व्यक्तियों ने नकली सीबीआई अधिकारी बनकर उनसे सम्पर्क किया और पहले उन्हें मनी लॉन्ड्रिंग में शामिल होने का डर दिखाया और फिर करीब 72 घंटे तक डिजिटल अरेस्ट कर 88 लाख रुपए ठग लिए।
इसके बाद साइबर अपराध थाना पुलिस ने कार्रवाई करते हुए उत्तर प्रदेश के विभिन्न जिलों से अश्वनी उर्फ लुसी, सोनू कुमार पासवान, रजत वर्मा, उत्कर्ष, अविश, नीरज कुमार, संजीव कुमार एवं शिवाजी मौर्या और मध्य प्रदेश के विभिन्न जिलों के मनोज, सचिन उपाध्याय एवं यश दुबे को गिरफ्तार किया। पुलिस इनमें से सात आरोपियों को रिमांड पर लेकर पूछताछ कर रही है।
चाइनीज गैंग से भी जुड़े ठगी के तार
मामले का खुलासा करते हुए डीएसपी ने बताया कि ठगों के तार चीनी गैंग से जुड़े हैं। मामले की जांच के दौरान कुछ चाइनीज नागरिकों की मिलीभगत भी सामने आई है। वह भारत में रहकर लोगों के बैंक खाते खरीदते हैं। यह भी सामने आया है कि चाइनीज नागरिक भारत से भारतीय नागरिकों को नौकरी लगवाने के बहाने से ठगी के लिए कम्बोडिया भेजकर उन्हें ट्रेनिंग देते हैं।