1100 फीट झरना, 900 फीट ऊंचाई और इतिहास का रहस्य… शिशुपाल पर्वत बना छत्तीसगढ़ का नया एडवेंचर हब

शिशुपाल पर्वत


प्रकृति, रोमांच और इतिहास का अनोखा संगम देखना हो तो शिशुपाल पर्वत आज छत्तीसगढ़ का नया पसंदीदा एडवेंचर डेस्टिनेशन बन चुका है। महासमुंद जिला के सरायपाली क्षेत्र में स्थित यह पर्वत युवाओं, ट्रैकिंग प्रेमियों और प्रकृति प्रेमियों के बीच तेजी से लोकप्रिय हो रहा है।

रायपुर से लगभग 157 किमी और सरायपाली से करीब 20 किमी दूर स्थित यह स्थान वीकेंड ट्रिप के लिए शानदार विकल्प बनता जा रहा है।


रोमांचक ट्रैकिंग का जबरदस्त अनुभव

समुद्र तल से लगभग 900 फीट की ऊंचाई पर स्थित यह पर्वत एडवेंचर लवर्स के लिए किसी स्वर्ग से कम नहीं।

ट्रैकिंग की खासियत:

  • घने जंगलों से होकर गुजरने वाला प्राकृतिक रास्ता
  • ऊबड़-खाबड़ चट्टानें और पगडंडियां
  • रोमांच से भरपूर चढ़ाई
  • ऊपर पहुंचते ही विशाल मैदान का दृश्य

सबसे आकर्षक नजारा तब देखने को मिलता है जब वर्षा ऋतु में यहां से करीब 1100 फीट नीचे गिरता पानी भव्य जलप्रपात का रूप ले लेता है। यह दृश्य कैमरे में कैद करने लायक होता है।


प्राकृतिक सुंदरता और सुकून

शिशुपाल पर्वत केवल ट्रैकिंग स्पॉट नहीं, बल्कि मानसिक शांति का केंद्र भी है।

  • चारों ओर हरियाली
  • शांत वातावरण
  • प्राकृतिक झरनों की मधुर ध्वनि
  • फोटोग्राफी के लिए शानदार लोकेशन

यहां पहुंचते ही शहर की भागदौड़ से दूर सुकून का अनुभव होता है।


इतिहास और पौराणिक कथा का संगम

स्थानीय मान्यताओं के अनुसार, इस पर्वत का संबंध राजा शिशुपाल से जोड़ा जाता है। कहा जाता है कि यहां उनका महल हुआ करता था।

आज भी पर्वत पर:

  • जर्जर दुर्ग के अवशेष
  • प्राचीन मंदिर
  • तालाब के अवशेष

अतीत की कहानी सुनाते हैं।

लोककथा के अनुसार, जब अंग्रेजों ने राजा को घेर लिया तो उन्होंने अपने घोड़े के साथ पहाड़ी से छलांग लगा दी। इसी घटना के कारण इस स्थान का नाम शिशुपाल पर्वत पड़ा।


धार्मिक आस्था का केंद्र

हर वर्ष मकर संक्रांति और महाशिवरात्रि पर यहां बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं। मेले का आयोजन होता है, जहां:

  • पूजा-अर्चना
  • सांस्कृतिक कार्यक्रम
  • स्थानीय व्यंजन
  • ग्रामीण हस्तशिल्प

का अनूठा संगम देखने को मिलता है।


पर्यटन और रोजगार की नई संभावनाएं

राज्य शासन इस क्षेत्र को विकसित पर्यटन केंद्र के रूप में आगे बढ़ाने की पहल कर रहा है।

आसपास के प्रमुख पर्यटन स्थल जिन्हें सर्किट के रूप में जोड़ा जा सकता है:

  • चंद्रहासिनी देवी मंदिर
  • गोर्मदा अभयारण्य
  • सिंघोड़ा मंदिर
  • देवदरहा जलप्रपात
  • नरसिंहनाथ मंदिर

इसके अलावा, यहां के बांस से बने हस्तशिल्प उत्पाद स्थानीय लोगों की आय का प्रमुख साधन बन सकते हैं।


क्यों बन रहा है नया एडवेंचर हब?

✔ रोमांचक ट्रैकिंग
✔ ऊंचा जलप्रपात
✔ ऐतिहासिक रहस्य
✔ धार्मिक महत्व
✔ फोटोग्राफी के लिए शानदार लोकेशन
✔ रोजगार और पर्यटन की संभावनाएं

स्पष्ट है कि शिशुपाल पर्वत अब केवल एक पहाड़ नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ के पर्यटन मानचित्र पर उभरता हुआ चमकता सितारा है। आने वाले समय में यह राज्य का प्रमुख एडवेंचर और इको-टूरिज्म हब बन सकता है।

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