उत्तराखंड के उत्तरकाशी जिले में मंगलवार को बादल फटने के बाद आयी विनाशकारी बाढ़ और भूस्खलन के कारण पूरा धराली गांव तबाह हो गया। इस प्राकृतिक आपदा में अब तक 5 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है। वहीं कई लोग लापता बताए जा रहे हैं। लापता लोगों में कई पर्यटक होने की भी बात सामने आ रही है। इसमें कुछ पर्यटक महाराष्ट्र के भी शामिल है। पर्यटन की उत्तराखंड पहुंचे जलगांव जिले के लोगों में से 16 पर्यटक लापता बताए जा रहे हैं।
उत्तरकाशी जिले में राहत और बचाव कार्य युद्धस्तर पर जारी है, लेकिन खराब मौसम और नेटवर्क की दिक्कत के कारण रेस्क्यू ऑपरेशन में चुनौती खड़ी कर दी है। गंगोत्री जाने वाले रास्ते में स्थित धराली गांव अब मलबे का ढेर बन चुका है।
जलगांव के कलेक्टर आयुष प्रसाद ने बताया कि उत्तराखंड के उत्तरकाशी के धराली क्षेत्र में बादल फटने से आई अचानक बाढ़ के बाद, महाराष्ट्र के जलगांव जिले के 16 लोग लापता है। उनका अभी तक कोई पता नहीं चल पाया है।
स्थिति पर जानकारी देते हुए, कलेक्टर प्रसाद ने कहा कि सूचना मिली है कि जलगांव जिले के 19 लोग उत्तरकाशी में हैं, जिनमें से 3 लोगों से संपर्क हो गया है। 16 लोगों से अब तक संपर्क नहीं हो पाया है। उन्होंने आगे कहा कि महाराष्ट्र सरकार और जलगांव जिला प्रशासन, लापता व्यक्तियों का पता लगाने के लिए उत्तराखंड सरकार और उत्तरकाशी जिला प्रशासन के साथ सक्रिय रूप से समन्वय कर रहे हैं।
महाराष्ट्र के जलगांव से उत्तरांखड पहुंचे पर्यटक वहां फंस गए हैं। जलगांव के रूपेश मेहरा ने बताया कि वहां सड़कें बंद हो गई थीं। हमें हेलीकॉप्टरों से बचाया गया। हमें वहां तैनात सभी एजेंसियों से भरपूर मदद मिली और हमें वहां से निकाल लिया गया।
जलगांव की आरोही मेहरा ने धराली की घटना के बारे में बताते हुए कहा कि जब ये सब हुआ तो मैं बहुत डर गई थी। गांव वालों ने हमारी बहुत मदद की। भारतीय सेना के जवानों को देखकर हमें बहुत ताकत मिली।
उत्तरकाशी में बादल फटने और भूस्खलन की घटना के बाद सेना, एनडीआरएफ, आईटीबीपी, एसडीआरएफ, उत्तराखंड पुलिस और स्थानीय प्रशासन उत्तरकाशी के धराली में बड़े पैमाने पर बचाव अभियान चला रहे हैं। यहां फंसे लोगों को बचाकर मातली हेलीपैड पर लाया गया है।