रायपुर गांजा तस्करी
राजधानी में नशे के खिलाफ जारी सख्त अभियान के बीच रायपुर गांजा तस्करी मामले में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। रायपुर के टिकरापारा थाना क्षेत्र में पश्चिम डिवीजन और एंटी क्राइम एंड साइबर यूनिट (ACCU) की संयुक्त टीम ने कार्रवाई करते हुए दो महिला तस्करों को गिरफ्तार किया है।
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 10 किलोग्राम गांजा बरामद किया है, जिसकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत लगभग 5 लाख रुपये आंकी गई है।
ऐसे हुई कार्रवाई
पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली थी कि टिकरापारा के भाठागांव स्थित रावणभाठा मैदान के पास दो महिलाएं गांजा बेचने की फिराक में खड़ी हैं।
मामले की गंभीरता को देखते हुए:
- पुलिस उपायुक्त (क्राइम) के निर्देश पर विशेष टीम गठित की गई
- डीसीपी (पश्चिम) के मार्गदर्शन में घेराबंदी की गई
- संदेह के आधार पर दोनों महिलाओं को हिरासत में लिया गया
तलाशी लेने पर उनके बैग से भारी मात्रा में गांजा बरामद हुआ।
गिरफ्तार आरोपी कौन हैं?
पुलिस के अनुसार गिरफ्तार महिलाओं की पहचान:
- खिलेश्वरी वर्मा (18 वर्ष, भनपुरी, रायपुर)
- इसरत बानो (21 वर्ष, शहडोल, मध्य प्रदेश)
के रूप में हुई है।
जांच में सामने आया है कि इसरत बानो शहडोल जिले के एक अंतर्राज्यीय नशा तस्करी गिरोह से जुड़ी हुई है।
पुलिस अब इनके फॉरवर्ड और बैकवर्ड लिंकेज खंगाल रही है ताकि पूरे नेटवर्क का खुलासा किया जा सके।
2026 में अब तक की बड़ी कार्रवाई
रायपुर पुलिस के आंकड़ों के अनुसार, वर्ष 2026 के शुरुआती दो महीनों में:
- गांजा तस्करी के 14 मामले दर्ज
- 30 आरोपियों को जेल भेजा गया
- 141.768 किलोग्राम गांजा जब्त
- 2 लाख रुपये से अधिक नकद बरामद
- 2 कार और 6 मोबाइल जब्त
जब्त सामग्री की कुल कीमत लगभग 83 लाख रुपये से अधिक आंकी गई है।
नशा मुक्ति अभियान जारी
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि राजधानी में नशे के खिलाफ अभियान लगातार तेज किया जा रहा है।
मुख्य रणनीतियां:
- इंटेलिजेंस आधारित कार्रवाई
- संयुक्त टीम ऑपरेशन
- नेटवर्क की एंड-टू-एंड जांच
- अंतर्राज्यीय कनेक्शन की पड़ताल
पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि नशे से संबंधित किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत दें, ताकि समाज को नशे के दुष्प्रभाव से बचाया जा सके।
स्पष्ट है कि रायपुर गांजा तस्करी के खिलाफ पुलिस का शिकंजा लगातार कसता जा रहा है और आने वाले दिनों में और बड़े खुलासे हो सकते हैं।