मिड-डे मील
बस्तर जिले के जगदलपुर क्षेत्र से एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है। तोकापाल विकासखंड के अरंडवाल प्राथमिक शाला में गुरुवार को मिड-डे मील खाने के बाद 24 बच्चों की अचानक तबीयत बिगड़ गई। बच्चों को उल्टी, पेट दर्द, घबराहट और कमजोरी की शिकायत होने लगी, जिससे स्कूल परिसर में अफरा-तफरी मच गई।
घटना की सूचना मिलते ही स्वास्थ्य विभाग की टीम मौके पर पहुंची और तत्काल जांच व उपचार शुरू किया गया।
📍 क्या हुआ स्कूल में?
प्राथमिक जानकारी के अनुसार:
- दोपहर में बच्चों को मध्याह्न भोजन परोसा गया
- भोजन में पत्ता गोभी की सब्जी और अन्य सामग्री शामिल थी
- भोजन के बाद नियमित स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत दवाएं वितरित की गईं
दवाओं में शामिल थीं:
- एल्बेंडाजोल (पेट के कीड़ों की दवा)
- फाइलेरिया निरोधक दवा
इसी के कुछ समय बाद बच्चों की तबीयत बिगड़ने लगी।
👧👦 कितने बच्चे हुए प्रभावित?
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार:
- कुल 24 बच्चे प्रभावित
- 10 बालक
- 14 बालिकाएं
बच्चों में दिखे प्रमुख लक्षण:
- उल्टी
- पेट दर्द
- घबराहट
- कमजोरी
हालांकि राहत की बात यह है कि अधिकांश बच्चों की हालत सामान्य बताई जा रही है।
🚑 स्वास्थ्य विभाग की त्वरित कार्रवाई
सूचना मिलते ही:
- मेडिकल टीम स्कूल पहुंची
- सभी बच्चों की मौके पर जांच की गई
- प्राथमिक उपचार दिया गया
एहतियात के तौर पर एक छात्रा को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में निगरानी के लिए भर्ती कराया गया है। बाकी बच्चों को उपचार के बाद घर भेज दिया गया।
🧐 क्या है संभावित कारण?
प्रशासन का कहना है कि प्रारंभिक जांच में दवा सेवन के बाद सामान्य प्रतिक्रिया या घबराहट की संभावना जताई जा रही है। हालांकि:
- भोजन के सैंपल की जांच की जाएगी
- दवा वितरण प्रक्रिया की समीक्षा होगी
- स्वास्थ्य प्रोटोकॉल की जांच की जाएगी
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी और जिला टीकाकरण अधिकारी ने भी मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया।
👨👩👧 अभिभावकों में चिंता
घटना के बाद अभिभावकों में चिंता का माहौल है। कई परिजन स्कूल पहुंच गए और बच्चों की स्थिति के बारे में जानकारी ली। प्रशासन ने आश्वासन दिया है कि:
- मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है
- किसी भी स्तर पर लापरवाही पाए जाने पर कार्रवाई होगी
- बच्चों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है
⚠️ क्यों महत्वपूर्ण है यह मामला?
मिड-डे मील योजना लाखों बच्चों के पोषण से जुड़ी है। ऐसे में:
- भोजन की गुणवत्ता
- दवाओं का सुरक्षित वितरण
- स्वास्थ्य निगरानी
इन सभी पहलुओं का सख्ती से पालन बेहद जरूरी है।
यह घटना प्रशासन के लिए एक चेतावनी है कि स्कूलों में चल रही स्वास्थ्य और पोषण योजनाओं की निगरानी और मजबूत की जाए। फिलहाल सभी की नजर जांच रिपोर्ट पर टिकी है, जो इस पूरे मामले की असली वजह स्पष्ट करेगी।