रधानमंत्री मोदी कूटनीति
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रायपुर, भारत को अमेरिकी वित्त विभाग द्वारा रूसी तेल खरीदने के लिए 30 दिन की अस्थायी छूट मिलने पर भा.ज.पा. ने इसे प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की रणनीतिक कूटनीति की सफलता करार दिया है। पार्टी ने इस घटनाक्रम को लेकर राहुल गांधी और कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि यह उनके द्वारा फैलाए गए ‘तेल की कमी’ के फर्जी समाचारों का करारा जवाब है।
भाजपा का बयान
भा.ज.पा. के राष्ट्रीय प्रवक्ता प्रदीप भंडारी ने कहा, “यह छूट मोदी सरकार की रणनीतिक संयम और स्पष्टता का परिणाम है, जो राहुल गांधी और कांग्रेस को पसंद नहीं आती।” भंडारी ने ट्वीट करते हुए राहुल गांधी और कांग्रेस पर आरोप लगाया कि वे तेल संकट को लेकर दहशत फैलाने की कोशिश कर रहे थे, जबकि प्रधानमंत्री मोदी की सरकार ने अपने कूटनीतिक कदमों से इस स्थिति को संभाला और सफलता प्राप्त की।
अमेरिकी घोषणा
बृहस्पतिवार को अमेरिकी वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट ने घोषणा की थी कि रूसी तेल खरीदने के लिए भारतीय रिफाइनरियों को 30 दिनों की अस्थायी छूट दी जा रही है। यह निर्णय ईरान के साथ बढ़ते संघर्ष के बीच लिया गया है। बेसेंट के अनुसार, यह कदम वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति को स्थिर रखने और ईरान द्वारा आपूर्ति में रुकावट डालने के प्रयासों को कम करने के उद्देश्य से उठाया गया है।
रणनीतिक तेल कूटनीति की सफलता
भा.ज.पा. ने यह भी बताया कि अमेरिकी वित्त मंत्रालय ने यह कदम भारत और अमेरिका के बीच सामरिक साझेदारी को और मजबूत करने के उद्देश्य से उठाया। भंडारी ने इसे भारत विरोधी कांग्रेस और राहुल गांधी के मुंह पर एक बड़ा तमाचा बताया, जिन्होंने तेल की कमी को लेकर देश में हड़कंप मचाने की कोशिश की थी।
अमेरिकी वित्त मंत्रालय का बयान
बेसेंट ने कहा, “भारत एक महत्वपूर्ण साझेदार है और हमें पूरी उम्मीद है कि यह कदम भारत में अमेरिकी तेल की खरीद को बढ़ावा देगा।” उन्होंने यह भी कहा कि यह अल्पकालिक कदम रूस को कोई महत्वपूर्ण वित्तीय लाभ नहीं पहुंचाएगा, क्योंकि यह केवल समुद्र में फंसे तेल से संबंधित लेनदेन को अधिकृत करता है।