मुंबई हवाई अड्डे पर सीमा शुल्क विभाग की एयर इंटेलिजेंस यूनिट (AIU) ने दो यात्रियों को तस्करी के आरोप में उस वक्त गिरफ्तार कर लिया, जब वे दोनों चार लुप्तप्राय हॉर्नबिल पक्षियों को अपने सामान में छिपाकर ले जा रहे थे. अधिकारियों के मुताबिक, आरोपी इन पक्षियों की तस्करी करने की कोशिश कर रहे थे.
सीमा शुल्क विभाग की एयर इंटेलिजेंस यूनिट (AIU)ने इस सिलसिले में दो यात्रियों को गिरफ्तार किया गया है, जिसमें एक महिला भी शामिल है. सीमा शुल्क विभाग के एक अधिकारी ने जानकारी देते हुए पीटीआई को बताया कि सोमवार की दोपहर एक फ्लाइट थाईलैंड से मुंबई अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर पहुंची थी. जिसमें दो यात्री अपने सामान में छुपाकर लुप्तप्राय हॉर्नबिल पक्षियों को लाए थे.
उन दोनों यात्रियों के सामान में ये पक्षी पाए जाने के बाद उनके खिलाफ कार्रवाई की गई. एआईयू के एक अधिकारी ने बताया कि मुंबई के ये दोनों यात्री एक पुरुष और एक महिला बैंकॉक से एयर इंडिया की फ्लाइट से मुंबई हवाई अड्डे पर पहुंचे थे. उनके सामान की तलाशी लेने पर अंदर से चार हॉर्नबिल पक्षी छिपे हुए पाए गए.
एक वन अधिकारी ने इस मामले में बताया कि चारों हॉर्नबिल पक्षी विसायन और सुलावेसी प्रजाति के थे, जो अत्यधिक लुप्तप्राय हैं. उन्होंने बताया कि इन हॉर्नबिल पक्षियों को चॉकलेट से भरे एक बैग के अंदर रखे प्लास्टिक के कंटेनर में भरा गया था.
फोरेस्ट ऑफिसर ने बताया कि पक्षियों को जीवित पाया गया. बचाए जाने के बाद उन्हें स्थिर किया गया. पानी पिलाया गया और वन्यजीव कल्याण के लिए काम करने वाली संस्था रेसक्विंक एसोसिएशन (RAWW) से जुड़े वन्यजीव विशेषज्ञों के परामर्श से उन्हें भोजन दिया गया. उनके अनुसार, चूंकि ये पक्षी भारत के मूल निवासी नहीं हैं, इसलिए उन्हें उचित औपचारिकताओं के साथ बैंकॉक वापस भेज दिया गया.
वन अधिकारी ने कहा कि वन्यजीव अपराध नियंत्रण ब्यूरो (WCCB) ने वन्यजीव (संरक्षण) अधिनियम के प्रावधानों के अनुसार पक्षियों को उनके मूल देश में वापस भेजने के आदेश जारी किए, जिसके बाद पक्षियों को बैंकॉक वापस भेज दिया गया.
अधिनियम के प्रावधानों के अनुसार, अवैध तस्करी में जब्त किए गए किसी भी विदेशी जानवर को मूल देश या उस देश में वापस भेजा जाना चाहिए जहां से उसकी तस्करी की जा रही थी.