स्पेन में एक द्वीप है मालोर्का. यहां पर एक गुफा के अंदर पानी में डूबा हुआ ब्रिज मिला है. यह ब्रिज 5600 साल पुराना है. इससे दो बातें क्लियर हैं. पहली कि इस गुफा में उस समय इंसान रहते थे. या उनका आना-जाना था. दूसरी ये धीरे-धीरे तापमान बढ़ता गया. जिससे समंदर का जलस्तर ऊपर उठता गया और ये जगह पानी में डूब गई.
भविष्य में ऐसे कई शहर इसी तरह से डूब जाएंगे. फिलहाल इस गुफा और ब्रिज के बारे में बात करते हैं. ये गुफा अल में 2000 में खोजी गई थी. इसके बाद वैज्ञानिकों ने इसमें पानी भरा देखा. स्कूबा डाइविंग करके पानी के नीचे ब्रिज खोजा. यह गुफा भूमध्यसागर के पास मौजूद है. इसमें लाइमस्टोन यानी चूना पत्थर से बना 25 फीट लंबा ब्रिज है.
ब्रिज के पास गोट-एंटीलोप Myotragus balearicus की हड्डियां मिली हैं. जो अब विलुप्त हो चुकी हैं. ये तो नहीं पता चल पा रहा है कि इंसानों ने इस गुफा पर कब्जा कब किया. क्योंकि मलोर्का बहुत बड़ा द्वीप है. भूमध्यसागर में इंसानों ने इस पर काफी पहले रहना शुरू किया था. जबकि साइप्रस और क्रीटे में 9000 हजार साल पहले.
इतना कन्फ्यूजन था कि बकरी की हड्डियों और ब्रिज पर बनी अलग-अलग रंगों की पट्टियों का अध्ययन किया गया. क्योंकि समंदर के अंदर पड़ी चीजों के ऊपर अलग-अलग रंग की परत जम जाती है. जिसे कैल्साइट इनक्रस्टेशन कहते हैं. यानी एक तरह के कैल्सियम की परत. जब इसकी जांच की गई तो सही समय का पता चला.
ये ब्रिज इस गुफा के अंदर करीब 5600 साल पहले बनाया गया था. ताकि पूर्वी भूमध्यसागर और पश्चिमी भूमध्यसागर के बीच गैप को खत्म किया जा सके. उस समय के लोग इस गुफा के जरिए सागर के एक हिस्से से दूसरे हिस्से की तरफ आते-जाते थे.