69 चोरी हुई बसों की नीलामी: थाने में शिकायत पेंडिंग, तब भी जारी की जा रही भारी बोली प्रक्रिया

बस नीलामी विवाद


लेख — 69 चोरी गई बसों की नीलामी का बड़ा विवाद (बस नीलामी विवाद)

दिल्ली निगम के तहत संचालित 69 बसों की नीलामी प्रक्रिया एक नए विवाद में बदलती नजर आ रही है। हैरानी की बात यह है कि इन बसों की चोरी की शिकायत थाने में दर्ज है, लेकिन अब तक FIR नहीं की गई है। इसके बावजूद इन बसों की नीलामी मेटल स्क्रैप ट्रेड कॉर्पोरेशन लिमिटेड (एमएसटीसी) के माध्यम से की जा रही है। यह नीलामी तीसरी बार आयोजित की जा रही है क्योंकि पहली दो बार बोली संतोषजनक नहीं लगी थी।

नगर निगम की इस प्रक्रिया ने लोगों के बीच सवाल खड़े कर दिए हैं कि आखिर चोरी का मामला जांच केअधीन है, तो फिर इन बसों को नीलाम क्यों किया जा रहा है?

आइए जानते हैं पूरा मामला विस्तार से:


🔍 क्या है पूरा विवाद?

  • 69 बसें चोरी होने का मामला:
    निगम की 69 बसें चोरी हो गई थीं, जिसकी शिकायत थाने में दर्ज है।
  • FIR न होने का सवाल:
    शिकायत थाने में दर्ज होने के बावजूद FIR अब तक दर्ज नहीं हुई, जिससे लोगों में असमंजस बढ़ा है।
  • नीलामी की प्रक्रिया:
    इन बसों की मूल वस्तु को स्क्रैप के रूप में नीलाम करने की योजना है, यानी अब इन बसों को धातु के रूप में बेचा जाएगा।

⚖️ अब तक क्या हुआ?

नीलामी अब तक दो बार आयोजित की जा चुकी है, लेकिन:

  • कुल दो बार बोली असंतोषजनक रहीं, इसलिए ये रद्द कर दी गईं।
  • अब तीसरी बार नीलामी कराई जा रही है
  • इस बार तय न्यूनतम बोली ₹2 करोड़ 75 लाख रखी गई है।

📌 नीलामी की क्या शर्तें हैं?

एमएसटीसी पोर्टल द्वारा:

  • सिर्फ पंजीकृत बिडर ही बोली लगा सकते हैं।
  • इसके लिए एमएसटीसी पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन होना अनिवार्य है।
  • न्यूनतम बोली ₹2.75 करोड़ तय की गई है।
  • बसों को अलग-अलग नहीं, बल्कि एक पैकेज के रूप में नीलाम किया जाएगा।

🗣️ निगम आयुक्त का बयान

निगम आयुक्त राजीव पांडे का कहना है:

यह कार्रवाई जिला कलेक्टर के आदेश पर हो रही है।

इसका मतलब यह है कि अधिकारी इस नीलामी को अधिकारिक अनुमति के साथ कर रहे हैं। हालांकि FIR न होने का मामला अभी भी पेंडिंग है


लोग क्या सोच रहे हैं?

सामान्य जनता और कुछ सोशल एक्टिविस्ट का कहना है:

  • चोरी हुई संपत्ति को नीलाम करना कहीं अनुचित तो नहीं?
  • FIR दर्ज न होना अनुशासनहीनता की निशानी है।
  • बोली न लगने के कारण री-नीलामी, क्या सही प्रक्रिया है?

वहीं निगम की ओर से बताया गया है कि:

  • कोई सिस्टम चूक नहीं हुई
  • बसें अब उपयोग के योग्य नहीं रहीं, इसलिए नीलामी सर्वोत्तम विकल्प है।

📊 क्या किया जा सकता है आगे?

यदि आप इस मामले से चिंतित हैं, तो आप:

✔️ स्थानीय पुलिस स्टेशन जाकर FIR स्थिति की पुष्टि कर सकते हैं
✔️ एमएसटीसी पोर्टल पर नीलामी शर्तें स्वयं जांच सकते हैं
✔️ जिला कलेक्टर कार्यालय से इस निर्णय की प्रामाणिकता पूछ सकते हैं

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