लेबनान में उग्रवादी संगठन हिजबुल्लाह पर इजरायल की ओर से हमले जारी हैं। इजरायल ने बीते एक सप्ताह के अंदर 2000 से ज्यादा एयर स्ट्राइक की हैं और अब तक इनमें करीब 700 लोग मारे जा चुके हैं। यही नहीं इजरायली सेना ने अब अपने जवानों को सीमा पर डटने का आदेश दिया है। इजरायली सूत्रों का कहना है कि हमास की तरह ही जमीनी हमला करके हिजबुल्लाह को निपटाने की तैयारी है। यदि ऐसा हुआ तो यह भीषण जंग होगी क्योंकि हिजबुल्लाह भी दुनिया का सबसे बड़ा उग्रवादी संगठन है। उसके पास तमाम देशों से बड़ी सेना है और एक लाख उग्रवादी मुकाबले को तैयार हैं।
इस बीच हालात ऐसे हो गए हैं कि भारत ने भी अपने नागरिकों को तुरंत लेबनान छोड़ने को कहा है। इसके अलावा उन लोगों से यात्रा प्लान टालने को कहा है, जो हाल के दिनों में लेबनान जाना चाहते थे। हालात ऐसे हो गए हैं कि इजरायल और लेबनान की इस जंग में अमेरिका, यूरोप से लेकर एशिया तक में हलचल मच सकती है। एक तरफ अमेरिका ने मध्य पूर्व में अतिरिक्त सैनिक भेजने का ऐलान किया है तो वहीं ईरान का कहना है कि हिजबुल्लाह पर यदि जमीनी हमला हुआ तो हम हर तरह से उसका साथ देंगे।
दरअसल बुधवार को हिजबुल्लाह ने इजरायल के तेल अवीव तक को निशाना बनाया था। एक एयरस्ट्राइक तो उसने इजरायल की खुफिया एजेंसी मोसाद के दफ्तर को निशाना बनाते हुए की थी। इसके लिए उसने बैलिस्टिक मिसाइल का इस्तेमाल किया था। अब इजरायली पीएम बेंजामिन नेतन्याहू का कहना है कि हमारी सेना तब तक नहीं रुकेगी, जब तक हिजबुल्लाह को खत्म नहीं किया जाता। वहीं अमेरिका ने अपने सैनिकों की संख्या तो बढ़ाने का ऐलान कर दिया है, लेकिन इजरायल को ऑल आउट वॉर से बचने की भी नसीहत दी है।
अमेरिकी रक्षा मंत्रालय के प्रेस सचिव सबरीना सिंह ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि हम मानते हैं कि लेबनान में जमीनी हमले की जरूरत नहीं है। इस बीच चर्चा तेज है कि अमेरिका, जर्मनी, फ्रांस, यूके, सऊदी अरब, यूएई जैसे देश समझौते की कोशिश में हैं। अमेरिका और अरब देश चाहते हैं कि हिजबुल्लाह और इजरायल 21 दिनों के लिए जंग रोकें। इसके बाद आगे किसी प्रस्ताव पर बात की जाए। इसके अलावा संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटारेस ने भी संघर्ष रोकने की सलाह ही दी है।