धोखाधड़ी केस
दुर्ग: राइस मिलर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष के खिलाफ धोखाधड़ी का केस
दुर्ग में कोतवाली पुलिस ने राइस मिलर्स एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष कांतीलाल बोथरा समेत 6 लोगों के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया है। यह मामला मेसर्स रिद्धि सिद्धि बिल्डर द्वारा एक निवेश योजना में धोखाधड़ी के आरोप पर आधारित है। कांतीलाल बोथरा की मां की मृत्यु के बाद उनके दायित्वों का निर्वहन करने के कारण उन्हें आरोपियों में शामिल किया गया है।
क्या है मामला?
प्रार्थी रितेश जैन, जो जय आनंद परिसर, दुर्ग के निवासी हैं, ने अपनी पत्नी आरती जैन और रिश्तेदारों के साथ मिलकर एक धोखाधड़ी के आरोप में शिकायत दायर की। उनका कहना है कि रिद्धि सिद्धि बिल्डर ने फ्लैट देने और निर्माण के दौरान रकम पर ब्याज देने का वादा किया था, जिसके बाद उन्होंने अपने परिवार के 4 सदस्यों के माध्यम से 24.5 लाख रुपये अलग-अलग किस्तों में दिए।
हालांकि, कुछ समय तक बिल्डर द्वारा ब्याज दिया गया, लेकिन इसके बाद न तो फ्लैट प्रदान किया गया और न ही रकम वापस की गई।
अदालत का आदेश
मामले की सुनवाई के दौरान न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी, राहुल सोरी ने आदेश पारित किया और प्रार्थी की शिकायत पर आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज करने के लिए निर्देश दिए। इस मामले में आरोपियों में रूपेश जैन, विश्वास गुप्ता, मनीष शर्मा, सजल जैन, अमृता खंडेलवाल, और कमला देवी बोथरा शामिल हैं।
क्या है आरोपियों के खिलाफ शिकायत?
प्रार्थी रितेश जैन ने आरोप लगाया कि आरोपियों ने पहले उन्हें एक आकर्षक निवेश योजना का प्रस्ताव दिया था, जिसमें फ्लैट देने और उस पर ब्याज देने का वादा किया गया था। इसके बाद प्रार्थी और उनके परिवार ने निर्धारित रकम का भुगतान किया, लेकिन आरोपियों ने वादा पूरा नहीं किया। जब प्रार्थी ने रकम वापस करने की मांग की तो आरोपी उनकी किसी भी बात का जवाब देने से बचते रहे।
कांतीलाल बोथरा का आरोपों से संबंध
कांतीलाल बोथरा, जो राइस मिलर्स एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष हैं, के खिलाफ भी आरोप लगाया गया है, हालांकि उनका कहना है कि उनकी मां की मृत्यु के बाद उन्होंने केवल उनकी जिम्मेदारियों का निर्वहन किया। उन्हें भी इस मामले में आरोपी माना गया है, क्योंकि मामले के आरोपियों में उनका नाम भी शामिल है।
आगे की कार्रवाई
इस प्रकरण में पुलिस ने जांच शुरू कर दी है और आरोपियों को समन भेजने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। अदालत के आदेश के बाद अब सभी आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी की कार्रवाई की जाएगी। इस मामले की जांच के दौरान कई और महत्वपूर्ण तथ्यों का पता चलने की संभावना है, जो मामले के समाधान को प्रभावित कर सकते हैं।