बिहार में बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं को लेकर स्वास्थ्य विभाग लगातार कोशिशें कर रहा हैं, लेकिन मुजफ्फरपुर में एक ऐसा भी अस्पताल है, जो करीब 1 दशक पहले बनकर तैयार हो गया, लेकिन आजतक इस अस्पताल का उद्घाटन नहीं हुआ. नतीजा आज ये खंडहर बन चुका हैं. इलाके में लोग इसे हॉन्टेड हाउस कहने लगे हैं. अस्पताल के चारों तरफ बड़े बड़े खरपतवार उग आए हैं. लोग अस्पताल में लगी टाइल्स, मार्बल, चौखट, दरवाजा, ग्रिल सब उखाड़ कर ले गए. अब इस अस्पताल के पास से गुजरने में डर लगता है.
हम बात कर रहे हैं मुजफ्फरपुर के पारु प्रखंड के सरैया पंचायत के चांदपुरा चौर में बने अस्पताल की. इस अस्पताल को भवन निर्माण विभाग द्वारा बनाया गया था. जिला मुख्यालय से करीब 50 किलोमीटर दूर पारु के चांदपुरा में 6 एकड़ जमीन में करीब 5 करोड़ की लागत से ये अस्पताल बनकर तैयार हो गया था. यह 2015 में पूरी तरीके से बनकर तैयार हो गया था. इसमें 30 से अधिक बेड की व्यवस्था की गई. तमाम उपकरण लगाए गये थे, लेकिन सबकुछ तैयार होने के बावजूद स्वास्थ्य विभाग ने इसे टेकओवर नहीं किया. वर्षों तक ये अस्पताल ऐसे ही पड़ा रहा. धीरे धीरे ये चोरों और असमाजिक लोगों का अड्डा बन गया. फिर इसमें लगे बिजली के उपकरण, टाइल्स, मार्बल, चौखट, ग्रिल सब चोरी हो गए.
स्थानीय लोगों के अनुसार, जब इस अस्पताल का निर्माण हुआ था तो लोगों को उम्मीद जगी की इस इलाके में अब बेहतर स्वास्थ्य व्यवस्था होंगी, लेकिन विभाग की लचरता से आजतक अस्पताल शुरू नहीं हुआ. इस अस्पताल में मुख्य बिल्डिंग के अलावा एक स्टाफ बिल्डिंग और एक जांच केंद्र भी बनाया गया, लेकिन आज स्थिति इतनी जर्ज़र है कि वहां तक पहुंचना मुश्किल है.
हालांकि मीडिया में आने के बाद अब जिला प्रशासन की नींद टूटी है. जिले के सिविल सर्जन, स्थानीय अंचलधिकारी ने अस्पताल की जांच की है. मामले में मुजफ्फरपुर पश्चिमी की SDM श्रेयाश्री ने बताया कि अभी इसके बारे में विशेष जानकारी नहीं है, लेकिन इसको लेकर जांच के आदेश दिए गए हैं.