पाकिस्तान के बलूचिस्तान में सोमवार को कम से कम 23 लोगों की एक साथ ही गोली मारकर हत्या कर दी गई। जानकारी के मुताबिक कुछ हथियारबंद लोगों ने ट्रकों और बसों को रुकवाया। इसके बाद उन्होंने आईकार्ड चेक करने के बहाने एक-एक को नीचे उतारना शुरू किया और गोली मारते चले गए। जानकारी के मुताबिक बलूच उग्रवादियों ने पंजाबियों को निशाना बनाया है।
पाकिस्तानी मीडिया के मुताबिक यह घटना मुसाखैल के राराशाम जिले की है। यहां कुछ हथियारबंद लोगं ने हाइवे पर वाहनों को रोकना शुरू किया। इसके बाद बसों से यात्रियों को नीचे उतारा जाने लगा। जानकारी के मुताबिक मरने वाले पंजाब के हैं। यानी जानबूझकर पंजाबियो को ही निशाना बनाया गया है। बलूचों का मानना है कि पंजाबी उनके शंसाधनों पर कब्जा कर रहे हैं। ऐसे में बलूच उग्रवादी आए दिन उन्हें निशाना बनाते रहते हैं।
घटना के बाद पाकिस्तानी पुलिस मौके पर पहुंची और घायलों को अस्पताल पहुंचाना शुरू किया गया। बलूचिस्तान के मुख्यमंत्री ससरफराज बुगती ने इस घटना की निंदा की है। उन्होंने मरने वालों के परिवारों के लिएसंवेदना जताई है। उन्होंने कहा है कि इस तरह मासूमों की जान लेने वाले कायर आतंकी छोड़े नहीं जाएंगे।
इस घटना की जिम्मेदारी उग्रवादी संगठन बलोच लिबरेशन आर्मी ने ली है। जानकारी के मुताबिक इस घटना में कम से कम पांच लोग घायल भी हुए हैं। पाकिस्तानी मीडिया के मुताबिक कई वाहनों को हाइवे पर ही आग के हवाले कर दिया गया।
इससे पहले अप्रैल में भी ऐसी ही घटना सामने आई थी। पंजाब प्रांत के रहने वाले नौ युवको को बलूचिस्तान प्रांत के नोशकी इलाके में बंदूकधारियों ने बस से उतारकर मार डाला था। दरअसल पाकिस्तान में लंबे समय से पख्तून, बलूच और मुहाजिरों के पहचान के लिए आंदोलन चल रहे हैं। उनका कहना है कि उनकी सभ्यता 5 हजार साल पुरानी है। इस वजह से पाकिस्तान की सीमा को भी मानने को तैयार नहीं हैं। बलूचों का कहना है कि उन्हें पाकिस्तान में शामिल करके उनके संशाधनों का दोहन किया जाता है और सत्ता में उनका कोई दखल भी नहीं है। सत्ता में पंजाबियों का वर्चस्व होने की वजह से बलूच उनके दुश्मन बन बैठे हैं और आए दिन नरसंहार कर देते हैं।