राजधानी दिल्ली में 40 दिन से संदिग्ध परिस्थितियों में लापता एक बड़े सरकारी अधिकारी का पवन शाह का दिल्ली पुलिस अब तक कोई सुराग नहीं लगा सकी है। 4 सितंबर से लापता 46 वर्षीय शाह इंद्रप्रस्थ पावर जनरेशन कंपनी लिमिटेड में मैनेजर के पद पर कार्यरत थे। दिल्ली पुलिस ने इस संबंध में अपहरण का मुकदमा दर्ज कर उनकी तलाश कर रही है।
शाह के परिवार के अनुसार, उन्होंने दावा किया कि वे ड्यूटी पर गए थे, लेकिन कभी वापस नहीं लौटे। उनकी कार पूर्वी दिल्ली में यमुना के पास मिली थी और उनका फोन गायब था।
उसके बाद से लेकर अब तक पुलिस को इस मामले में कोई सफलता नहीं मिली है। वहीं प्रत्यक्षदर्शी होने का दावा करने वाले कुछ नाबालिगों से पूछताछ में पता चला है कि शाह ने यमुना नदी में कूद गए थे। हालांकि, उनके परिवार ने इस दावे से इनकार किया है।
इस दावे की पुष्टि के लिए पुलिस ने पिछले महीने गोताखोरों, तैराकों और एनडीआरएफ की टीमों को पवन शाह के शव की तलाश के लिए लगाया था, लेकिन अभी तक उनका शव बरामद नहीं हुआ है। आखिरकार अपहरण का मामला दर्ज किया गया।
एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि शाह को खोजने के लिए किए गए प्रयासों के बाद 17 सितंबर को कोतवाली थाने में मामला दर्ज किया गया। अधिकारी ने बताया, “बीएनएस की धारा 140 (अपहरण) के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है, लेकिन वह अभी तक नहीं मिले हैं।”
एचटी द्वारा देखी गई एफआईआर के अनुसार, प्रिया शाह ने कहा कि हमेशा की तरह उनके पति 4 सितंबर को भी सुबह करीब 8:30 बजे नोएडा स्थित अपने घर से काम के लिए निकले थे। प्रिया ने दोपहर करीब 2 बजे पवन से फोन पर बात की थी, तब उन्होंने उन्हें बताया था कि वे बाहर खड़ी अपनी कार में से लंच लेने जा रहे हैं। उसके बाद दोनों के बीच कोई बातचीत नहीं हुई। शाम करीब 4.30 बजे, उन्हें कथित तौर पर पवन के एक सहकर्मी का फोन आया, जिसने पूछा गया कि क्या पवन शह घर पहुंच गए हैं, और उन्होंने इनकार कर दिया।
पवन शाह के साले निर्मल मेहता ने बताया कि शाम करीब 4 बजे दिल्ली सचिवालय में उनकी मीटिंग थी, लेकिन वे वहां भी नहीं पहुंचे, जिसके बाद उनके सहकर्मियों ने उन्हें फोन करना शुरू किया और आखिरकार पत्नी को इसकी जानकारी दी।
मेहता ने बताया, “उनकी पत्नी ने कई बार फोन किया, लेकिन पवन ने फोन नहीं उठाया। इसके बाद वह उनके सहकर्मियों के साथ अपने पति खोजने निकल पड़ी। प्रिया के फोन पर पति (पवन) का गूगल मेल अकाउंट खुला था, जिससे उन्हें पता चला कि उनकी लास्ट लोकेशन गीता कॉलोनी फ्लाईओवर के नीचे यमुना के पास थी।”
रात करीब 10.30 बजे पत्नी ने फ्लाईओवर पर पति की कार देखी, जिसकी खिड़की टूटी हुई थी और उनका फोन गायब था। परिवार ने बताया कि शाम 7:30 बजे के बाद फोन बंद हो गया था। इसके बाद पवन शाह की पत्नी ने पुलिस को फोन किया।
एक दूसरे पुलिस अधिकारी ने बताया कि उन्होंने मामले की जांच शुरू की और सबसे पहले सीसीटीवी कैमरों की फुटेज को खंगालने का फैसला किया। अधिकारी ने बताया कि पवन शाह के ऑफिस के बाहर कोई सीसीटीवी कैमरा नहीं था और जिस पुल पर कार मिली थी, उसके पास लगा कैमरा भी काम नहीं कर रहा था। इसके बाद पुलिस ने स्थानीय लोगों से पूछताछ की।
अधिकारी ने बताया, “कुछ नाबालिगों लड़कों ने बताया कि उन्होंने पवन शाह को फ्लाईओवर से कूदते देखा था। आखिरकार, उन लड़कों के एक दोस्त ने कार की खिड़की तोड़कर फोन चुरा लिया। हालांकि, उनके दावों की पुष्टि होनी बाकी है, क्योंकि फोन बरामद नहीं हुआ है।”
पुलिस ने बताया कि उन्होंने दावे की पुष्टि के लिए गोताखोरों, तैराकों और एनडीआरएफ की एक टीम को लगाया, लेकिन शव नहीं मिला। आखिरकार 17 सितंबर को अपहरण के आरोप में मामला दर्ज किया गया।
पुलिस अधिकारी ने बताया, “हम उन्हें ढूंढने के लिए दूसरे तरीके भी आजमा रहे हैं, लेकिन अभी तक कोई सफलता नहीं मिली है। जांच के लिए उपायों का खुलासा नहीं किया जा सकता।”
इस बीच, लापता अधिकारी के परिजनों ने कहा कि पवन शाह आत्महत्या नहीं कर सकते, क्योंकि उन्होंने उनमें ऐसे कोई संकेत नहीं देखे थे।
मेहता ने कहा, “वह काम पर खुश रहते थे और परिवार में भी कोई समस्या नहीं थी। वह स्वास्थ्य के प्रति सजग थे और सुबह टहलने भी जाते थे तथा औरों को भी हेल्दी लाइफस्टाइल अपनाने के लिए प्रोत्साहित करते थे।”