महिलाओं और खिलाड़ियों की एक मजबूत आवाज देश की संसद में पहुंचे।

हरियाणा के पूर्व उपमुख्यमंत्री और जननायक जनता पार्टी नेता दुष्यंत चौटाला ने महिला पहलवान विनेश फोगाट को राज्यसभा सांसद बनाने के लिए देश की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मांग की है। दुष्यंत चौटाला ने कहा कि राज्यसभा में 4 मनोनीत सदस्यों की सीट खाली है, जिस पर राष्ट्रपति जल्द ही 4 सदस्यों को मनोनीत करेंगी। उन्होंने कहा कि भारत के महान क्रिकेटर सचिन तेंदुलकर की तरह देश की बहादुर बेटी विनेश फोगाट को भी राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री राज्यसभा में मनोनीत करे ताकि युवाओं, महिलाओं और खिलाड़ियों की एक मजबूत आवाज देश की संसद में पहुंचे।

दुष्यंत चौटाला ने कहा कि विनेश फोगाट जैसी अंतर्राष्ट्रीय गौरव पहलवान को पार्टी की राजनीति और चुनाव से नहीं गुजरना चाहिए। उन्होंने कहा कि आज पूरे देश में यह भावना है कि राज्यसभा में मनोनीत होना ही विनेश फोगाट का असली सम्मान होगा और इसकी वो हकदार भी है। दुष्यंत चौटाला ने यह भी कहा कि विनेश फोगाट इसी 25 अगस्त को मनोनयन की सभी योग्यताएं पूरी कर लेंगी, ऐसे में विनेश को राज्यसभा सदस्य के रूप में मनोनीत करना चाहिए। दुष्यंत चौटाला ने कहा कि पैरिस ओलिम्पिक में पहलवान विनेश फोगाट के डिस्क्वालीफाई होने से पूरा भारत दुखी हुआ है, क्योंकि देश एक मैडल से चूक गया। उन्होंने कहा कि आज सभी देशवासियों की भावना को देखते हुए देश की बेटी विनेश का हौसला बढ़ाने के लिए उन्हें राज्यसभा सांसद के तौर पर मनोनीत करना चाहिए ताकि इससे खिलाड़ियों और महिलाओं का मान-सम्मान बढ़े।

हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने गुरुवार को कहा था कि यदि कांग्रेस के पास राज्य विधानसभा में संख्या बल होता तो वह पहलवान विनेश फोगाट को राज्यसभा के लिए मनोनीत करते। हुड्डा ने दिल्ली में संवाददाताओं से कहा था कि जल्द ही राज्यसभा चुनाव होने वाले हैं। हमारे पास बहुमत नहीं है, अन्यथा मैं उन्हें नामांकित करता। उन्होंने हम सभी को गौरवान्वित किया है।

वहीं, पूर्व सीएम भूपेंद्र सिंह हुड्डा के बयान पर विनेश फोगाट के कोच और ताऊ महावीर फोगाट ने इसे राजनीतिक स्टंट बताया था। उन्होंने कहा था कि पूर्व सीएम ने विनेश को राज्यसभा में भेजने की बात कही तो फिर गीता फोगाट को क्यों नहीं भेजा गया। उन्होंने कहा कि यह एक राजनीतिक स्टंट है, आज भूपेंद्र हुड्डा ने कहा कि विनेश को (राज्यसभा में) भेजना चाहिए, लेकिन गीता फोगाट को क्यों नहीं भेजा गया उनकी सरकार के दौरान राज्यसभा में जब 2005 और 2010 में राष्ट्रमंडल खेल हुए थे, तब बबीता फोगाट ने रजत पदक जीता था और गीता फोगाट ने स्वर्ण पदक जीता था। गीता ओलंपिक के लिए क्वालिफाई करने वाली पहली महिला पहलवान बनीं, उस समय हुड्डा की सरकार थी और गीता और बबीता को डीएसपी बनाया जाना था, लेकिन हुड्डा साहब ने भेदभाव किया और गीता को इंस्पेक्टर और बबीता को सब-इंस्पेक्टर बना दिया। इसके बाद हमने मामला दायर किया और मामला अदालत के माध्यम से सुलझ गया।

विनेश फोगाट को फाइनल से ठीक पहले डिस्क्वालीफाई करने व उसके कुश्ती से संन्याय जैसा बड़ा फैसला लेने को लेकर खाप पंचायतें एकजुट होनी शुरू हो गई हैं। इसी कड़ी में रविवार को चरखी दादरी में सांगवान खाप की अगुवाई में सर्वजातीय सर्वखापों की महापंचायत का आयोजन किया गया। महापंचायत मे विनेश फोगाट के पक्ष में खापों द्वारा सात अहम फैसले लिए। साथ ही निर्णय लिया कि फैसलों पर सरकार द्वारा संज्ञान नहीं लेने पर बड़े स्तर पर आंदोलन की चेतावनी भी दी है। गौरतलब है कि विनेश फोगाट चरखी दादरी के गांव बलाली की रहने वाली हैं। करीब तीन घंटे चली पंचायत में सात फैसलों पर मोहर लगाई गई।

खाप की अध्यक्षता कर रहे सांगवान खाप प्रधान पर विधायक सोमबीर सांगवान ने कमेटी द्वारा विनेश को लेकर सात फैसलों पर सर्वसम्मति से फैसला लेने का निर्णय लिया है। फैसले अनुसार विनेश को भारत रत्न पुरस्कार देने, सुप्रीम कोर्ट के सिटिंग जज से पूरे प्रकरण की जांच कराने, दोषियों पर कार्रवाई करने की मांग की गई। इसके अलावा न्याय दिलाने के लिए उतर भारत की पंचायत खापें एकजुट होकर बड़ा निर्णय लेंगी।विनेश को सर्वखापों द्वारा गोल्ड मेडल से सम्मानित किया जाएगा, रोहतक के नांदल भवन में देशभर की खापें सम्मानित करेंगी। इसके अलावा जिला स्तर पर पंचायत खापें प्रदर्शन कर राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपा जाएगा और विनेश के कुश्ती से संन्यास लेने के फैसले को वापस लेने के लिए मनाया जाएगा।

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