स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद पर यौन उत्पीड़न का आरोप: मेडिकल रिपोर्ट में पुष्टि, बढ़ी जांच की प्रक्रिया

स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद


स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद की मुश्किलें बढ़ीं: पीड़ित बच्चों की मेडिकल रिपोर्ट में यौन उत्पीड़न की पुष्टि

स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद, उनके शिष्य मुकुंदानंद और अन्य आरोपितों के खिलाफ एक गंभीर मामले में जांच अब निर्णायक मोड़ पर है। हाल ही में हुए मेडिकल परीक्षण में दो नाबालिग बच्चों के साथ यौन उत्पीड़न की पुष्टि हुई है, जिससे मामले में नए पहलू सामने आ रहे हैं। इस घटना ने न केवल आरोपितों के खिलाफ कानूनी प्रक्रिया को गति दी है, बल्कि समाज में गहरे सवाल भी खड़े कर दिए हैं।

मेडिकल परीक्षण और उसकी रिपोर्ट

बुधवार को झूंसी पुलिस ने दोनों पीड़ित बच्चों को सीएचसी, बनी सरायइनायत में मेडिकल परीक्षण के लिए भेजा। इसके बाद, चिकित्सकों ने बच्चों की उम्र के आधार पर उन्हें बेली अस्पताल रेफर कर दिया। यहां पर किए गए मेडिकल परीक्षण में यौन उत्पीड़न की पुष्टि के संकेत मिले हैं। हालांकि, इस बारे में पुलिस और अस्पताल के अधिकारी आधिकारिक बयान से बच रहे हैं।

पुलिस की सक्रियता और जांच प्रक्रिया

पुलिस ने पहले पीड़ितों के बयान अदालत में दर्ज किए थे, जिसमें बच्चों ने रोते हुए पूरे घटनाक्रम का विवरण दिया। अदालत में इन बच्चों ने आरोपितों के नामों का भी खुलासा किया, जिसमें मुकुंदानंद और अन्य शामिल थे। इसके बाद, पुलिस ने जांच तेज कर दी है, और मेडिकल रिपोर्ट को विवेचना का हिस्सा बना लिया है। इस रिपोर्ट के आधार पर साक्ष्य जुटाने की प्रक्रिया भी तेज हो गई है, ताकि जांच को किसी भी स्तर पर कमजोर नहीं पड़ने दिया जाए।

कोर्ट के आदेश पर मुकदमा दर्ज

यह मामला कोर्ट के आदेश पर दर्ज किया गया था, और यह कार्रवाई श्रीकृष्ण जन्मभूमि मुक्ति निर्माण ट्रस्ट के अध्यक्ष आशुतोष ब्रह्मचारी की तहरीर पर की गई थी। आरोपितों पर पॉक्सो एक्ट और धमकी की धाराएं भी लगाई गई हैं। आरोप है कि महाकुंभ और माघ मेले के दौरान इन नाबालिग बच्चों के साथ दुष्कर्म किया गया था।

वादी की बात

वादी आशुतोष ब्रह्मचारी के अनुसार, बच्चों ने अदालत में पूरी घटना का उल्लेख किया और आरोपितों के नाम बताए। उनका कहना है कि मेडिकल रिपोर्ट ने बच्चों के साथ यौन उत्पीड़न की पुष्टि की है।

जांच की दिशा और आगे की कार्रवाई

पुलिस अब सभी साक्ष्यों को संकलित करने में जुटी है, ताकि आगे की कानूनी कार्रवाई बिना किसी अड़चण के की जा सके। इस मामले में स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद, मुकुंदानंद, और तीन अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ जांच जारी है।

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