“अडानी SEC मामला”
अडानी समूह ने अमेरिकी कोर्ट में पेश की पहली दलील
नई दिल्ली। अरबपति गौतम अडानी और उनके भतीजे सागर अडानी पर अमेरिकी प्रतिभूति और विनिमय आयोग (SEC) द्वारा लगाए गए रिश्वतखोरी और प्रतिभूति धोखाधड़ी के आरोपों के खिलाफ अडानी समूह ने 23 जनवरी को अमेरिकी अदालत में अपनी पहली दलील पेश की।
नवंबर 2024 में SEC ने अडानी समूह पर यह मामला दर्ज किया था। 14 महीने बाद पहली बार समूह की ओर से सक्रिय प्रतिक्रिया देखने को मिली। इस दलील में अडानी समूह ने SEC द्वारा भेजे गए समन पर रोक लगाने की मांग की है।
वैश्विक कानूनी फर्म ने किया अपील का समर्थन
- अडानी समूह की ओर से सुलिवन एंड क्रॉमवेल एलएलपी, एक वैश्विक कानूनी फर्म, ने न्यूयॉर्क के पूर्वी जिले की अदालत में अपील की।
- अदालत से अनुरोध किया गया कि SEC द्वारा 21 जनवरी को भेजे गए प्रस्ताव पर फैसला स्थगित किया जाए।
इस अपील का उद्देश्य समूह को SEC के डायरेक्ट समन से बचाना बताया जा रहा है।
क्या है SEC मामला?
- SEC ने बताया कि उन्हें भारतीय अधिकारियों से सहायता न मिलने के कारण समन भेजने में समस्या आई।
- इसके बाद, नियामक ने अडानी समूह को ईमेल के माध्यम से डायरेक्ट नोटिस भेजने की अनुमति मांगी।
- मामला अडानी ग्रीन एनर्जी लिमिटेड से संबंधित है, जिसमें आरोप लगाया गया कि समूह ने झूठे और भ्रामक दावे करके अमेरिकी प्रतिभूति कानूनों का उल्लंघन किया।
अडानी समूह का रुख
- समूह ने आरोपों को निराधार बताते हुए खारिज किया।
- कहा गया कि अडानी समूह सभी कानूनों का पालन करता है और आवश्यक होने पर सभी संभावित कानूनी उपायों का सहारा लेगा।
शेयर बाजार में असर
- शुक्रवार को अडानी समूह के शेयरों में 15% से अधिक की गिरावट दर्ज हुई।
- सप्ताह के आखिरी कारोबारी दिन यह गिरावट निवेशकों के बीच चिंता का कारण बनी।