ऑनलाइन गेमिंग की लत
गाजियाबाद हादसा: जिसने पूरे देश को झकझोर दिया
दिल्ली से सटे यूपी के गाजियाबाद में सामने आया यह दर्दनाक हादसा हर माता-पिता के लिए चेतावनी है। 15, 14 और 12 साल की तीन नाबालिग बहनों ने देर रात अपने फ्लैट की 9वीं मंज़िल से कूदकर जान दे दी। शुरुआती जांच में सामने आया है कि तीनों एक ऑनलाइन कोरियन गेम की लत में थीं, जिसमें 50 दिनों में 50 टास्क पूरे करने का दबाव था और अंतिम टास्क जानलेवा साबित हुआ।
क्या है पूरा मामला?
- घटना साहिबाबाद इलाके के भारत सिटी टावर की है।
- पुलिस को रात करीब 2:15 बजे सूचना मिली।
- तीनों बच्चियाँ एक साथ रहती थीं और अधिकांश समय कमरे में बंद रहकर गेम खेलती थीं।
- परिवार को उनके सामान्य ऑनलाइन गेम खेलने की जानकारी थी, लेकिन गेम के खतरनाक टास्क का अंदाज़ा नहीं था।
पिता का दर्दनाक बयान
मीडिया से बातचीत में पिता ने रोते हुए बताया कि फोन की जांच के बाद उन्हें एक मैसेज मिला—
“आई एम सॉरी, हम कोरियन गेम नहीं छोड़ सकते… हम जा रहे हैं।”
उन्होंने बताया कि बीच वाली बेटी गेम में “कमांडर” की भूमिका में थी और बाकी दोनों उसके निर्देशों का पालन करती थीं। तीनों का आपसी जुड़ाव इतना गहरा था कि वे साथ-साथ ही खाना, टॉयलेट और हर गतिविधि करती थीं।
गेमिंग की लत कैसे बनी जानलेवा?
- बताया जा रहा है कि गेम में लगातार टास्क पूरे करने का मानसिक दबाव था।
- असफल होने पर डर, अपराधबोध और अलगाव की भावना बढ़ती गई।
- स्कूल से दूरी, सामाजिक कटाव और मोबाइल पर अत्यधिक निर्भरता ने स्थिति को और बिगाड़ा।
- अंतिम टास्क को “चुनौती” के रूप में पेश किया गया, जो बेहद खतरनाक था।
पुलिस की शुरुआती जांच
सहायक पुलिस आयुक्त के अनुसार, बच्चियाँ एक कोरियन ऑनलाइन गेम ‘लव गेम’ की आदी थीं। फॉरेंसिक जांच में आत्मघाती कदम का संबंध गेमिंग गतिविधियों से जुड़ा पाया गया है। मामले की गहराई से जांच जारी है।
माता-पिता और समाज के लिए सबक
यह घटना बताती है कि ऑनलाइन गेमिंग की लत बच्चों के मानसिक स्वास्थ्य पर कितना गंभीर असर डाल सकती है।
सावधानियाँ:
- बच्चों के स्क्रीन-टाइम पर नज़र रखें।
- उनके गेम और ऐप्स की नियमित जांच करें।
- खुलकर बातचीत करें, डर या शर्म के संकेतों को हल्के में न लें।
- जरूरत पड़े तो काउंसलिंग और प्रोफेशनल मदद लें।
जरूरी अपील
यदि आपके आसपास कोई बच्चा या किशोर मानसिक दबाव में दिखे, अकेलापन महसूस करे या खतरनाक ऑनलाइन चुनौतियों में उलझा हो—तो तुरंत मदद लें।