अवैध धान
📰 आर्टिकल (400+ शब्द):
छत्तीसगढ़ शासन की मंशानुरूप पारदर्शी और सुव्यवस्थित धान खरीदी व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए बलौदाबाजार जिला प्रशासन पूरी सख्ती के साथ कार्रवाई कर रहा है। कलेक्टर के स्पष्ट निर्देशों के तहत जिले में अवैध धान के भंडारण, परिवहन और खरीदी-बिक्री पर लगातार निगरानी रखी जा रही है। इसी कड़ी में प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई करते हुए 350 कट्टा अवैध धान जब्त किया है।
🚨 राजस्व और खाद्य विभाग की संयुक्त कार्रवाई
प्रशासन को मिली गोपनीय सूचना के आधार पर राजस्व विभाग एवं खाद्य विभाग की संयुक्त टीम ने जिले के विभिन्न इलाकों में छापेमारी की। इस दौरान अलग-अलग स्थानों पर अवैध रूप से संग्रहित और परिवहन किए जा रहे धान को जब्त किया गया।
📍 तहसील पलारी क्षेत्र में दो प्रकरण
प्राप्त जानकारी के अनुसार, तहसील पलारी क्षेत्र में दो अलग-अलग मामलों में कुल 216 कट्टा अवैध धान जब्त किया गया। इस धान को नियमानुसार उपार्जन केंद्र रोहांसी के सुपुर्द कर दिया गया है, ताकि आगे की प्रक्रिया शासन के दिशा-निर्देशों के अनुसार की जा सके।
🌾 ग्राम बोहारडीह से अवैध भंडारण पकड़ा गया
इसके अलावा ग्राम बोहारडीह में की गई कार्रवाई के दौरान श्री अश्वनी कुमार साहू के कब्जे से 26 कट्टा अवैध धान बरामद किया गया। प्रारंभिक जांच में यह धान अवैध रूप से संग्रहित पाया गया, जिस पर नियमानुसार कार्रवाई की जा रही है।
🚚 ग्राम रिकोखुर्द में अवैध परिवहन पर शिकंजा
कसडोल विकासखंड के ग्राम रिकोखुर्द में प्रशासन ने अवैध धान परिवहन का एक बड़ा मामला पकड़ा। यहां श्री पवन कुमार साहू, पिता श्री गजाधर साहू, द्वारा 108 कट्टा धान वाहन के माध्यम से अवैध रूप से ले जाया जा रहा था। संयुक्त टीम ने तत्काल कार्रवाई करते हुए:
- धान को वाहन सहित जब्त किया
- धान को ग्राम रिकोखुर्द के कोटवार की सुपुर्दगी में दिया
- मामले की विस्तृत जांच प्रारंभ की
⚖️ सख्त संदेश: अवैध धान बर्दाश्त नहीं
प्रशासन की इस कार्रवाई से यह साफ संदेश गया है कि जिले में अवैध धान का भंडारण या परिवहन किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। प्रशासन का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि:
- केवल पात्र किसानों से ही धान की खरीदी हो
- समर्थन मूल्य प्रणाली में किसी प्रकार की गड़बड़ी न हो
- बिचौलियों और अवैध कारोबारियों पर पूरी तरह रोक लगे
👨🌾 किसानों के हित में प्रशासन प्रतिबद्ध
जिला प्रशासन ने आम किसानों से अपील की है कि वे शासन के नियमों का पालन करें और किसी भी प्रकार की अवैध गतिविधियों से दूर रहें। साथ ही, यदि कहीं भी अवैध धान भंडारण या परिवहन की जानकारी मिले, तो तुरंत प्रशासन को सूचित करें।