देश की दिग्गज कार निर्माता कंपनी टाटा मोटर्स के शेयरों में बिकवाली का दौर थम नहीं रहा है. 3 महीनों में यह शेयर 20 फीसदी से ज्यादा टूट गया है. आज फिर टाटा मोटर्स के स्टॉक दबाव के साथ कारोबार कर रहे हैं. दरअसल, इंटरनेशनल ब्रोकरेज हाउस यूबीएस ने टाटा मोटर्स के शेयरों पर बिकवाली की राय दी है. इसके बाद टाटा मोटर्स के शेयर 900 के स्तर से नीचे फिसल गए. चूंकि, टाटा मोटर्स, टाटा समूह की बड़ी कंपनी है और भारत के ऑटोमोबाइल इंडस्ट्री में बड़ा रसूख रखती है इसलिए लाखों लोगों ने इसके शेयरों में अच्छे रिर्टन के लिए पैसा लगाया है. अब जब शेयर में गिरावट बढ़ रही है तो निवेशकों का परेशान होना लाजिमी है.
ब्रोकरेज हाउस यूबीएस ने कमजोर संभावनाओं का हवाला देते हुए टाटा मोटर्स पर अपनी ‘SELL’ रेटिंग बरकरार रखी है. यूबीएस ने टाटा मोटर्स के शेयर पर 825 रुपये का टारगेट प्राइस दिया है, जबकि मौजूदा भाव 915 रुपये है यानी मौजूदा स्तर से शेयर में 10 फीसदी तक की गिरावट और देखने को मिल सकती है. टाटा मोटर्स के शेयर पिछले 3 महीने से बिकवाली के दबाव के साथ कारोबार कर रहे हैं. पिछले महीने सितंबर में टाटा मोटर्स के शेयरों में 12 फीसदी से ज्यादा की गिरावट देखने को मिली.
ब्रोकरेज का कहना है कि चीन अब वैश्विक कार निर्माताओं के लिए तेजी से बढ़ने वाला बाजार नहीं है, और हालांकि प्रीमियम कार के मामले में कुछ राहत देखने को मिल सकती है. ऐसी स्थिति में टाटा मोटर्स की बाजार हिस्सेदारी में गिरावट जारी रहने की संभावना है.
ब्रोकरेज हाउस ने अपनी पिछली रिपोर्ट में सुझाव दिया था कि डिफेंडर, रेंज रोवर और रेंज रोवर स्पोर्ट समेत जगुआर लैंड रोवर के प्रीमियम मॉडल पर औसत बिक्री मूल्य (ASP) बढ़ी है, लेकिन इन वाहनों की मांग कम होने लगी है.