कुसमी में उबाल: आदिवासी बुजुर्ग की मौत के बाद SDM पर हत्या का आरोप, सर्व आदिवासी समाज ने किया बंद का ऐलान

कुसमी बंद


छत्तीसगढ़ के अंबिकापुर संभाग के कुसमी क्षेत्र में आदिवासी बुजुर्ग की कथित पिटाई से मौत के बाद माहौल बेहद तनावपूर्ण हो गया है। घटना के बाद लोगों में भारी आक्रोश देखा जा रहा है। कुसमी बंद का आह्वान किया गया है और सैकड़ों लोग सड़कों पर उतर आए हैं।


शिव चौक पर प्रदर्शन, सड़क जाम

कुसमी के शिव चौक पर सर्व आदिवासी समाज के बैनर तले प्रदर्शन किया जा रहा है।

प्रदर्शनकारियों ने:

  • मुख्य सड़क को जाम कर दिया
  • प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की
  • दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग उठाई

इलाके में पुलिस बल तैनात कर दिया गया है ताकि स्थिति नियंत्रण में रहे।


प्रदर्शनकारियों की प्रमुख मांगें

सर्व आदिवासी समाज ने प्रशासन के सामने कई मांगें रखी हैं:

  • मृतक के परिजनों को 1 करोड़ रुपये मुआवजा
  • आश्रितों को शासकीय नौकरी
  • मारपीट के आरोपियों पर हत्या का प्रकरण दर्ज
  • दोषियों को फांसी की सजा

समाज के पदाधिकारियों का कहना है कि यदि मांगें पूरी नहीं हुईं तो आंदोलन और तेज किया जाएगा।


SDM करुण डहरिया पर गंभीर आरोप

मामले में हिरासत में लिए गए एसडीएम करुण डहरिया पहले भी विवादों में रह चुके हैं।

पूर्व विवादों की झलक:

  • वर्ष 2022 में एंटी करप्शन ब्यूरो ने 20 हजार रुपये रिश्वत लेते रंगे हाथों पकड़ा था।
  • उस समय वे गरियाबंद जनपद में मुख्य कार्यपालन अधिकारी के पद पर पदस्थ थे।
  • बोरवेल खनन का बिल पास करने के बदले रिश्वत मांगने का आरोप था।
  • गिरफ्तारी के बाद निलंबन, फिर जमानत पर बहाली।

इसके अलावा:

  • पामगढ़ में छात्रों से कथित दुर्व्यवहार का मामला
  • अवैध लकड़ी से जुड़े प्रकरण में छह लाख रुपये वसूली के आरोप
  • अतिक्रमण हटाने के दौरान युवक से मारपीट का आरोप
  • विरोध करने वालों को झूठे मामलों में फंसाने के आरोप

हालांकि इन सभी मामलों में उन्होंने आरोपों से इनकार किया था।


क्षेत्र में तनावपूर्ण स्थिति

घटना के बाद कुसमी और आसपास के इलाकों में भारी तनाव है। बाजार बंद हैं और जनजीवन प्रभावित हुआ है। प्रशासन हालात पर नजर बनाए हुए है।

स्थानीय लोगों का कहना है कि यह सिर्फ एक व्यक्ति की मौत का मामला नहीं, बल्कि आदिवासी समाज के सम्मान और अधिकारों का सवाल है।


आगे क्या?

  • पुलिस जांच जारी है
  • पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट का इंतजार
  • प्रशासन और समाज प्रतिनिधियों के बीच वार्ता की संभावना

कुसमी में हालात फिलहाल संवेदनशील बने हुए हैं। लोगों की नजर अब प्रशासनिक कार्रवाई और न्यायिक प्रक्रिया पर टिकी है।

यह घटना एक बार फिर प्रशासनिक जवाबदेही और आदिवासी क्षेत्रों में संवेदनशीलता को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर रही है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *