अमेरिका और चीन के बीच ट्रेड वॉर से हर कोई वाकिफ है. दोनों देशों ने इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में बढ़ते तनाव के बीच एक दूसरे की कंपनियों पर बैन लगाना शुरू कर दिया. कई अहम प्रोडक्ट के एक्सपोर्ट को भी बैन कर दिया गया था. अब अमेरिका के बाद चीन कुछ इसी तरह के ट्रेड वॉर की राह पर यूरोप के देशों के साथ जाता हुआ नजर आ रहा है. हालांकि यह अभी शुरुआती स्तर पर ही है. एक दिन पहले खबर आई थी कि यूरोपीय यूनियन चीनी इलेक्ट्रिक गाड़ियों पर 36 प्रतिशत तक इंपोर्ट ड्यूटी लगाने पर विचार कर रहा है. द वॉल स्ट्रीट जनरल की रिपोर्ट के अनुसार बीजिंग ने पलटवार करते हुए यूरोप से इंपोर्ट होने वाले डेयरी उत्पाद जैसे दूध, दही, पनीर व अन्य पर जांच बैठा दी है.
सरल शब्दों में समझें तो चीन ने यूरोप के देशों को यह साफ संदेश दे दिया है कि अगर उसने चीन में बने इलेक्ट्रानिक आइटम पर बैन लगाया तो तुरंत ही करारा जवाब दिया जाएगा. अभी केवल जांच बैठाई गई है. अगर सच में अगले पांच साल तक चीन में बनी इलेक्ट्रिक गाड़ियों पर बैन लगाया गया तो यूरोप से आने वाले डेयरी प्रोडक्ट्स पर भी बैन लगा दिया जाएगा. बीजिंग की कॉमर्स मिनिस्ट्री ने कहा कि यह जांच ताजा पनीर और दही, ब्लू चीज और कुछ दूध और क्रीम सहित कई वस्तुओं को कवर करेगीमंत्रालय ने अपनी वेबसाइट पर एक बयान में कहा, “कॉमर्स मिनिस्ट्री ने 21 अगस्त, 2024 से यूरोपीय संघ में इंपोर्ट किए गए डेयरी उत्पादों पर सब्सिडी विरोधी जांच शुरू करने का फैसला किया है.” अधिकारियों ने कहा कि उन्हें 29 जुलाई को यूरोपीय उत्पादों में सब्सिडी-विरोधी जांच के लिए चीन के डेयरी एसोसिएशन से एक आवेदन मिला था और 14 अगस्त को यूरोपीय संघ के साथ परामर्श किया गया था. बीजिंग ने कहा कि जांच साल 2020 से लेकर मार्च 2024 के अंत तक खत्म होने वाले फाइनेंशियल ईयर में यूरोपीय संघ की सब्सिडी योजनाओं के चलते चीन के घरेलू उद्योग को हुए नुकसान शामिल होंगी.