कृषि मंत्री राम विचार नेताम ने धोन्धा प्रतापपुर में कृषि महाविद्यालय का भूमि पूजन किया

कृषि महाविद्यालय भूमि पूजन


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छत्तीसगढ़ के कृषि मंत्री श्री राम विचार नेताम ने आज धोन्धा प्रतापपुर में एक ऐतिहासिक कदम उठाते हुए कृषि महाविद्यालय का भूमि पूजन किया। इस अवसर पर उन्होंने 889.53 लाख की राशि से बनने वाले कृषि महाविद्यालय भवन और 602.10 लाख की राशि से बनने वाले बालक एवं कन्या छात्रावास भवन का भी भूमि पूजन किया। यह परियोजना क्षेत्र के लिए एक महत्वपूर्ण विकासात्मक पहल साबित होगी, जो कृषि शिक्षा को एक नई दिशा देगी।

महाविद्यालय की स्थापना से क्षेत्र में कृषि शिक्षा का नया युग
इस भूमि पूजन समारोह में प्रतापपुर विधायक श्रीमती शकुंतला सिंह पोर्ते, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती चंद्रमणी देवपाल, जिला पंचायत सदस्य श्री लवकेश पैंकरा, क्षेत्रीय किसान और अन्य जनप्रतिनिधि उपस्थित थे। कृषि मंत्री ने इस अवसर पर संबोधित करते हुए कहा कि यह दिन धोन्धा प्रतापपुर और सम्पूर्ण क्षेत्र के लिए ऐतिहासिक है। उन्होंने कहा कि कृषि महाविद्यालय की स्थापना से किसान बंधुओं की आने वाली पीढ़ियों के लिए उच्च कृषि शिक्षा के नए द्वार खुलेंगे।

कृषि मंत्री का संदेश
श्री राम विचार नेताम ने यह भी कहा कि राज्य सरकार किसानों को सशक्त बनाने के लिए सदैव प्रतिबद्ध है। इस महाविद्यालय के निर्माण से क्षेत्र के युवाओं को अब आधुनिक कृषि तकनीकों, उन्नत खेती के तरीकों और कृषि विज्ञान की उच्चस्तरीय शिक्षा अपने गृह जिले में ही मिल सकेगी। मंत्री ने आश्वासन दिया कि महाविद्यालय का निर्माण कार्य शीघ्र और निर्धारित समय-सीमा में पूरा किया जाएगा।

विधायक श्रीमती शकुंतला सिंह पोर्ते का उद्बोधन
प्रतापपुर विधायक श्रीमती शकुंतला सिंह पोर्ते ने इस ऐतिहासिक दिन को क्षेत्र के लिए एक सपना सच होने जैसा बताया। उन्होंने कहा कि कृषि महाविद्यालय की स्थापना के लिए किए गए प्रयास आज सफल हुए हैं, और इस कार्य में कृषि मंत्री श्री राम विचार नेताम का महत्वपूर्ण योगदान रहा है। उन्होंने अपने उद्बोधन में कहा कि अब क्षेत्र के युवाओं को उच्च कृषि शिक्षा के लिए दूर-दराज के शहरों में जाने की आवश्यकता नहीं होगी।

महाविद्यालय से क्षेत्र में शिक्षा और विकास के नए रास्ते
इस कृषि महाविद्यालय की स्थापना से क्षेत्र के युवाओं को कृषि विज्ञान, उद्यानिकी, पशुपालन और ग्रामीण प्रबंधन जैसे विषयों में उच्च शिक्षा प्राप्त करने का अवसर मिलेगा। अब छात्रों को बड़े शहरों की ओर नहीं जाना पड़ेगा और वे अपनी शिक्षा अपने ही क्षेत्र में प्राप्त कर सकेंगे। इसके साथ ही, यह महाविद्यालय क्षेत्र के कृषि विकास में भी अहम भूमिका निभाएगा और युवाओं के उज्जवल भविष्य की नींव रखेगा।

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