अखिलेश ने मांगी 12 सीट तो कांग्रेस में उठी नाना पटोले को CM फेस बनाने की मांग.

महाराष्ट्र में इसी साल होने वाले विधानसभा चुनाव को लेकर बैठकों का दौर जारी है. मुख्य रूप से दो गठबंधन आमने-सामने हैं. इनमें महायुति में 260 सीटों पर सहमति बन गई है. सूत्रों के मुताबिक, महायुति के बीच सीटों के बंटवारे को लेकर 260 सीटों पर सहमति बन गई है. 28 सीटों पर बीजेपी, शिवसेना और एनसीपी के बीच दावे-प्रतिदावे का मामला चल रहा है. वहीं सीट शेयरिंग को लेकर महाविकास अघाड़ी (MVA) के घटक दलों के बीच रस्साकसी जारी है. महाराष्ट्र में महाविकास अघाड़ी के दलों के बीच 17 अक्टूबर को 9 घंटे तक मैराथन मंथन के बावजूद सीट बंटवारे का फाइनल फॉर्मूला सामने नहीं आ सका. 

जहां एक तरफ कांग्रेस कार्यालय में एमवीए के सीएम फेस को लेकर नारेबाजी शुरू हो गई है तो दूसरी ओर अखिलेश यादव ने अपनी पार्टी के लिए 12 सीटों की डिमांड रख दी है. दरअसल, समाजवादी पार्टी (सपा) ने महा विकास अघाड़ी (एमवीए) से 12 सीटें मांगी हैं. पार्टी प्रमुख अखिलेश सिंह यादव ने उत्तर महाराष्ट्र के धुले जिले में पत्रकारों से बात करते हुए यादव ने कहा कि उनकी पार्टी ने कुछ सीटों पर उम्मीदवारों की घोषणा की है, जहां उसके मौजूदा विधायक हैं और उन निर्वाचन क्षेत्रों में भी जहां उसे लगता है कि वह मजबूत है. यादव ने कहा कि उनकी पार्टी कुछ सीटों से संतुष्ट है. 

एमवीए में सीट शेयरिंग को लेकर आज शाम को अहम बैठक होनी है. सभी की निगाहें इस बात पर टिकी हैं क्या आज सीट शेयरिंग पर सहमति बन सकेगी? इस बीच कांग्रेस नेता नाना पटोले ने कहा कि देर रात तक सीट शेयरिंग पर फैसला आने की उम्मीद है. उन्होंने कहा कि अखिलेश यादव से आलाकमान बात करेगा. हम चाहते है कि वो गठबन्धन का हिस्सा बनें. सीटों के बटवारे पर आज देर रात तक फैसला होने की उम्मीद है. गठबंधन के सीएम फेस को लेकर पटोले ने कहा कि कोंग्रेस की तरफ से मैंने, शरद पवार और जयंत पाटिल ने तय किया है कि चुनावों में सिर्फ एमवीए ही चुनाव का चेहरा होगा.

महाराष्ट्र की 288 विधानसभा सीटों के लिए 20 नवंबर को वोट डाले जाएंगे. नतीजे 23 नवंबर को घोषित किए जाएंगे.पिछले चुनाव में बीजेपी को 105, शिवसेना को 56, एनसीपी को 54 और कांग्रेस को 44 सीटें मिली थीं. हालांकि, चुनाव के बाद शिवसेना एनडीए से अलग हो गई और उसने एनसीपी-कांग्रेस के साथ मिलकर सरकार बना ली.

शिवसेना के उद्धव ठाकरे मुख्यमंत्री बने. जून 2022 में शिवसेना में आंतरिक कलह हो गई. इसके बाद एकनाथ शिंदे ने पार्टी के 40 विधायकों को तोड़ दिया. एकनाथ शिंदे बीजेपी के समर्थन से मुख्यमंत्री बन गए. अब शिवसेना दो गुटों में बंट चुकी है. शरद पवार की एनसीपी भी दो गुट- शरद पवार और अजित पवार में बंट गई है.

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