बहराइच पर नए खुलासों से भाजपा मुंह दिखाने के लायक नहीं रही, अखिलेश यादव का हमला

समाजवादी पार्टी (सपा) के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने बहराइच हिंसा के मामले में एक बार फिर भाजपा पर बड़ा हमला बोला है। अखिलेश ने कहा कि हर दिन नए खुलासे हो रहे हैं, जिनसे भाजपा मुंह दिखाने के लायक नहीं रही है। अखिलेश ने कहा कि भाजपा के जो थोड़े बहुत समर्थक और वोटर बचे हैं, भाजपा का यह षड्यंत्रकारी और हिंसक रूप देखकर वे भी शर्मिंदा हैं। भाजपा के विधायक ही भाजपाइयों पर साज़िश करने की शिकायत दर्ज करा रहे हैं और दंगाई छुपे कैमरे के सामने सच उगल रहे हैं। सच तो यह है कि बीजेपी अपने ही लोगों के खिलाफ साजिश रच रही है। उन्होंने कहा कि धिक्कार है ऐसी भाजपाई राजनीति और सत्ता की भूख पर जो सियासत के लिए दंगा कराने की साजिश करती है।

सपा प्रमुख ने बहराइच की महसी सीट से भाजपा विधायक सुरेश्वर सिंह द्वारा भाजपा की युवा शाखा भारतीय जनता युवा मोर्चा के नगर अध्यक्ष अर्पित श्रीवास्तव समेत सात नामजद तथा अनेक अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराये जाने का जिक्र करते हुए एक्स पर एक मीडिया रिपोर्ट भी साझा की।

उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा ने अपने समर्थकों की भावनाओं को गुमराह करके, उनका इस्तेमाल अपनी सत्ता को बचाए-बनाए रखने के लिए किया है। उन्होंने कहा कि सच तो ये है कि भाजपा अपने ही लोगों के ख़िलाफ़ षड्यंत्र कर रही है। भाजपा भाजपाइयों से दंगे कराकर उन्हें ही फंसा रही है। तभी तो भाजपा का विधायक, भाजपाइयों के ख़िलाफ़ रिपोर्ट लिखवा रहा है।

यादव ने अपनी पोस्ट के साथ एक मीडिया रिपोर्ट भी साझा की है जिसमें दो कथित दंगाई पिछली 13 अक्टूबर को बहराइच के महाराजगंज में हुई साम्प्रदायिक वारदात के पीछे साजिश की तरफ इशारा करते और कुछ खुलासे करते दिख रहे हैं।

महाराजगंज में पिछली 13 अक्टूबर को दुर्गा प्रतिमा विसर्जन जुलूस के दौरान तेज आवाज में संगीत बजाने को लेकर हुए विवाद के बाद राम गोपाल मिश्रा (22) नामक युवक की गोली लगने से मौत हो गई थी। इस घटना के बाद सांप्रदायिक हिंसा भड़क उठी थी। इसमें आगजनी और तोड़फोड़ की घटनाएं हुई थीं।

इस घटना की सूचना पर मौके पर पहुंचे बहराइच के महसी विधानसभा क्षेत्र के भाजपा विधायक सुरेश्वर सिंह ने इस मामले में पिछली 18 अक्टूबर को अपनी पार्टी के सहयोगी संगठन भाजयुमो के नगर अध्यक्ष अर्पित श्रीवास्तव समेत सात नामजद और अनेक अन्य अज्ञात उपद्रवियों के खिलाफ दंगा और उपद्रव के आरोप में शहर कोतवाली में प्राथमिकी दर्ज कराई है।

प्राथमिकी के अनुसार आरोपियों को भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 191 (दो), (साधारण दंगे का अपराध) 191 (तीन) (गैर कानूनी सभा में घातक हथियार से हमला), तीन (पांच) (अपराध का सामूहिक उत्तरदायित्व), 109 (1) (किसी की हत्या के इरादे से हमला), 324 (2) (शरारत), 351 (तीन) (व्यक्ति को चोट और संपत्ति को नुकसान पहुंचाना), 352 (जानबूझकर किसी का अपमान करना) और 125 (लोगों की जान और सुरक्षा को खतरे में डालना) के तहत निरूद्ध किया गया है।

विधायक ने प्राथमिकी में आरोप लगाया है कि 13 अक्टूबर को हिंसा में मारे गये राम गोपाल मिश्रा के शव को बहराइच मेडिकल कालेज के समक्ष गेट पर रखकर भीड़ द्वारा प्रदर्शन किये जाने की खबर मिलने पर जब वह मौके पर पहुंचे तो अर्पित श्रीवास्तव और अन्य आरोपी एवं उनके समर्थकों ने मुर्दाबाद के नारे लगाये और गाली-गलौज की।

यह भी आरोप है कि उनकी गाड़ी को रोकने और जान से मारने की नीयत से पथराव किया गया और भीड़ से एक गोली भी चलायी गयी जिससे उनकी गाड़ी का शीशा टूट गया और उनके बेटे अखण्ड प्रताप सिंह बाल-बाल बचे।

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