अल्मोड़ा-हल्द्वानी हाईवे पर तीसरे दिन भी आवाजाही सुचारू नहीं हो पाई। पहाड़ी से लगातार गिर रहा मलबा आवाजाही सुचारू करने में मुसीबत बना हुआ है। वहीं, अब टीएडीसी और जीएसआई की रिपोर्ट के बाद शुरू हुए पहाड़ी के ट्रीटमेंट कार्य पर भी सवाल उठने लगे हैं। इसका खामियाजा आम लोगों को उठाना पड़ रहा है।
शनिवार दोपहर करीब 12 बजे क्वारब की पहाड़ी का बड़ा हिस्सा दरक गया था। इससे पूरा एनएच मलबे और बोल्डरों से पट गया था। रविवार को दिन भी प्रशासन की टीमें मलबा हटाने के कार्य में जुटी रहीं, लेकिन ऊपर से गिर रहे बोल्डरों ने मुसीबत और बढ़ा दी है। यही हाल सोमवार को भी रहा। दिन भर के प्रयास के बाद भी मलबा नहीं हटाया जा सका।
तीन दिनों से एनएच के बंद होने से अब तमाम सवाल भी उठने लगे हैं। जानकारों का कहना है कि पहाड़ी के ट्रीटमेंट से पहले टीएचडीसी और जीएसआई ने मौका मुआयना किया था। उन्ही की रिपोर्ट पर पहाड़ी के ट्रीटमेंट का काम शुरू किया गया था।
ट्रीटमेंट के चौथे ही दिन पहाड़ी दरक गई और एनएच पूरी तरह से बंद हो गया। हालात यह हो गए हैं कि दरकती पहाड़ी के सामने प्रशासन के अधिकारी और एनएच लाचार बना हुआ है। इसका खामियाजा आम लोगों को भुगतना पड़ रहा है।
एनएच पर पसरा सन्नाट, रोजगार हुआ ठप: तीन दिन से एनएच पर सन्नाटा पसरा है। इससे एनएच से जुड़े कई लोगों का कारोबार प्रभावित हो रहा है। होटल, चाय, पर्वतीय उत्पाद विक्रेताओं का कारोबार ठप पड़ गया है। क्वारब पर वाहनों की आवाजाही पूरी तरह से ठप है। आसपास रहने वाले लोग घरों में ही फंसे हुए हैं।
अल्मोड़ा-हल्द्वानी एनएच पर 25 तक रात में आवाजाही बंद
क्वारब में दरक रही पहाड़ी के कारण प्रशासन ने फिर से रात के समय अल्मोड़ा-हल्द्वानी एनएच आवाजाही पर प्रतिबंध की मियाद और बढ़ा दी है। अब 25 नवंबर तक रात नौ बजे सेसुबह छह बजे तक एनएच पर वाहनों की आवाजाही नहीं होगी।
क्वारब पर पहाड़ी से मलबा और बोल्डर गिरने से अल्मोड़ा-हल्द्वानी एनएच पर यातायात प्रभावित हो रहा है। पिछले डेढ़ माह से दरकती पहाड़ी लोगों के लिए मुसीबत का सबब बनी हुई है। प्रशासन की ओर से 18 नवंबर तक रात के समय एनएच पर आवाजाही बंद की गई थी।
लेकिन अब भी पहाड़ी से मलबा और बोल्डर गिरने का सिलसिला जारी है। इसे देखते हुए डीएम आलोक कुमार पांडेय ने आदेश जारी कर बताया कि अल्मोड़ा-हाईवे पर 25 नवंबर तक रात के समय नौ से सुबह छह बजे तक आवाजाही बंद रहेगी।
क्वारब के बदले वैकल्पिक मार्ग तलाशें: टम्टा
केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग राज्य मंत्री अजय टम्टा ने सोमवार शाम क्वारब का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने अधिकारियों को वैकल्पिक मार्ग तलाशने के निर्देश दिए। समाधान के लिए टीएचडीसी ने 18 करोड़ की डीपीआर बनाई है। जिसकी टेंडर प्रक्रिया चल रही है। जल्द ही लोगों को राहत दी जाएगी।