अमेरिका समेत 15 देशों के राजदूत पहुंचें जम्मू-कश्मीर, खास चुनाव का किया दीदार

जम्मू कश्मीर में आज दूसरे चरण के तहत मतदान की प्रक्रिया जारी है। इस बीच अमेरिका, सिंगापुर, दक्षिण कोरिया और दक्षिण अफ्रीका समेत 15 देशों के राजनयिक भारत पहुंचे हैं। बुधवार को राजनियकों के एक समूह ने केंद्र शासित प्रदेश में मतदान प्रक्रिया को देखने के लिए जम्मू-कश्मीर का दौरा किया। जम्मू-कश्मीर में हाल के सालों में यह पहली बार है जब विदेशी पर्यवेक्षकों को चुनाव देखने की अनुमति दी गई है। इससे पहले सरकार ने चुनावों के दौरान जम्मू-कश्मीर में अंतरराष्ट्रीय पर्यवेक्षकों को अनुमति देने के किसी भी सुझाव को खारिज कर दिया था। केंद्र ने इस साल हुए लोकसभा चुनावों के बाद अच्छे मतदान प्रतिशत को देखते हुए विदेशी प्रतिनिधियों को चुनाव प्रक्रिया दिखाने के उद्देश्य से राजनियकों को आमंत्रित किया था।

जानकारी के मुताबिक इस प्रतिनिधिमंडल में अमेरिका, मैक्सिको, गुयाना, दक्षिण कोरिया, सोमालिया, पनामा, सिंगापुर, नाइजीरिया, स्पेन, दक्षिण अफ्रीका, नॉर्वे, तंजानिया, रवांडा, अल्जीरिया और फिलीपींस के दिल्ली स्थित दूतावासों के राजनयिक शामिल थे। राजनयिकों के साथ आए भारतीय अधिकारियों में पाकिस्तान-अफगानिस्तान-ईरान डेस्क के संयुक्त सचिव और विदेश मंत्री के कार्यालय के संयुक्त सचिव जेपी सिंह शामिल थे।

अधिकारियों ने बताया कि प्रतिनिधिमंडल ने घाटी में पहुंचने के बाद बडगाम जिले के ओमपोरा में मतदान केंद्रों का दौरा किया। इसके बाद वे लाल बाग निर्वाचन क्षेत्र के अंतर्गत चिनार बाग में अमीरा कदल और एसपी कॉलेज गए। एसपी कॉलेज में प्रतिनिधिमंडल को महिलाओं के लिए खास पिंक मतदान केंद्र को देखने को मिला। इस पिंक मतदान केंद्र का संचालन पूरी तरह से महिलाएं कर रही हैं। मीडिया से बातचीत करते हुए सिंगापुर के मिशन के उप प्रमुख एलिस चेंग ने मतदान देखने के लिए यह यात्रा आयोजित करने के लिए विदेश मंत्रालय को धन्यवाद दिया। वहीं दक्षिण कोरिया के मिशन के उप प्रमुख लिम सांग वू जो पहली बार कश्मीर आए थे, ने मतदाताओं के बीच उत्साह की ओर इशारा करते हुए कहा, “यह लोकतंत्र की जीत है।”

इस बीच नेशनल कांफ्रेंस (NC) के उपाध्यक्ष उमर अब्दुल्ला ने जम्मू-कश्मीर में विधानसभा चुनाव को देखने के लिए विदेशी प्रतिनिधिमंडल को आमंत्रित करने के केंद्र के कदम की आलोचना की है। अब्दुल्ला ने पत्रकारों से कहा, ‘‘मुझे नहीं पता कि विदेशियों को यहां चुनाव की जांच करने के लिए क्यों कहा जाना चाहिए? जब दूसरे देशों की सरकारें इस पर टिप्पणी करती हैं तो भारत सरकार कहती है कि यह भारत का अंदरूनी मामला है और अब अचानक वे चाहते हैं कि विदेशी पर्यवेक्षक यहां आएं और हमारे चुनावों को देखें?” उन्होंने कहा कि जम्मू-कश्मीर में विधानसभा चुनाव हमारे लिए आंतरिक मामला है और हमें उनके प्रमाण पत्र की जरूरत नहीं है।

जम्मू-कश्मीर की 90 सीटों पर तीन चरणों में चुनाव हो रहे हैं। पहले चरण में 24 सीटों के लिए 18 सितंबर को मतदान हुआ था जबकि दूसरे चरण में 26 सीटों के लिए बुधवार को मतदान हो रहा है। तीसरे चरण में 40 सीटों के लिए एक अक्टूबर को मतदान होगा जबकि मतगणना आठ अक्टूबर को होगी। दूसरे चरण के प्रमुख उम्मीदवारों में पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला और भाजपा नेता रविंदर रैना शामिल हैं। 18 सितंबर को हुए पहले चरण के मतदान में 61% से अधिक मतदान हुआ था।

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