अमेरिका में अवैध रूप से रहने वाले भारतीयों को डीपोर्ट करने के लिए अमेरिका ने किराए पर चार्टर्ड विमान लिया है। अमेरिका के होमलैंड सिक्योरिटी डिपार्टमेंट ने कहा कि भारत सरकार के सहयोग से यह कदम उठाया जा रहा है। वहीं बिना वजह 48 भारतीयों को वापस भेजने को लेकर भारत ने भी जवाब मांगा है। विदेश मंत्रालय ने इस मामले को गंभीरता से लिया है। अमेरिका ने बताया कि 22 अक्टूबर को ही चार्टर्ड फ्लाइट से भारतीयों को भेज दिया गया था।
विदेश मंत्रालय ने बताया कि पिछले तीन साल में 48 भारतीयों को अमेरिका से लौटना पड़ा है। भारतीय छात्रों को इस तरह डिपोर्ट करने का मुद्दा दोनों देशोंके बीच तनाव की वजह भी बन रहा है।
एक सीनियर अधिकारी क्रिस्टी ए कानेगालो ने कहा, अमेरिका में अवैध रूप से रहने वाले भारतीयों को वापस भेजना जरूरी था। इस बात का भी ध्यान रखना था कि अमेरिका में रहने वाले भारतीय कहीं तस्करों के हाथ ना लगा जाएं। जो लोग अवैध रूप से अमेरिका में आकर रह रहे हैं उनपर कड़ी कार्रवाई की जा रही है। ये लोग अन्य लोगों को भी अपने ही रास्ते पर चलने की प्रेरणा देते हैं।
अमेरिका के दक्षिण-पश्चिम बॉर्डर से अवैध रूप से लोग प्रवेश करते हैं। हालांकि जून 2024 के बाद यहां होने वाले एनकाउंटर्स में काफी कमी देखी गई है। इस वित्त वर्ष में अणेरिका ने लगभग 1 लाख 60 हजार लोगों को 495 इंटरनेशल फ्लाइट्स के जरिए वापस उनके देश भेजा है। 145 देशों को अमेरिका से लोग भेजे गए हैं।
अमेरिका के बयान में कहा गया है कि पूरी दुनिया के देशों की सरकारों के साथ बातचीत करके उनके नागरिकों को वापस बेजा जाता है। ऐसा इसलिए किया जाता है ताकि अमेरिका में लोग अवैध तरीके से प्रवेश ना करें और नियमों का पालन करें।