बांग्लादेश में हिंदुओं पर अत्याचार के बीच पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने बड़ी मांग की है। उन्होंने बांग्लादेश में संयुक्त राष्ट्र शांति सेना तैनाती किए जाने मांग की है। साथ ही उन्होंने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी निजी तौर पर दखल दें ताकि पड़ोसी देश में अल्पसंख्यकों पर हो रहे अत्याचार को रोका जा सके। ममता बनर्जी की मांग इस्कॉन के तीन हिंदू पुजारियों की गिरफ्तारी की खबरों के बीच आई है। गौरतलब है कि अगस्त में छात्रों के आंदोलन के बाद शेख हसीना सरकार गिर गई थी। फिलहाल बांग्लादेश में अंतरिम सरकार का शासन है।
बंगाल विधानसभा में अपने संबोधन के दौरान ममता बनर्जी ने कहाकि हमारे परिवार, संपत्तियां और प्रियजन बांग्लादेश में हैं। इस मामले में सरकार जो भी कदम उठाती है हमें स्वीकार होगा। उन्होंने कहाकि लेकिन धार्मिक आधार पर होने वाले जुल्म का, चाहे वह दुनिया में कहीं भी हो, हम उसका खंडन करेंगे। ममता बनर्जी ने कहाकि उन्होंने इस्कॉन कोलकाता प्रमुख से बात की है। हमारी सहानुभूति और समर्थन दोनों उनके साथ है। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ने जोर देते हुए कहाकि अगर बांग्लादेश में भारतीयों पर हमला होता है तो हम इसे कतई बर्दाश्त नहीं करेंगे। उन्होंने कहाकि भारत सरकार इस मामले को संयुक्त राष्ट्र तक ले जा सकती है।
ममता बनर्जी कहाकि मैं किसी दूसरे के आंतरिक मामले में दखल की बात नहीं कर रही हूं। लेकिन जब भी कोई बांग्लादेशी मछुआरा सीमा पर पकड़ा जाता है। या फिर कोई बांग्लादेशी यात्री यहां मुसीबत में होता है हमारी सरकार उनकी मदद करती है। उन्हें बचाती है और उनका इलाज कराती है।
गौरतलब है कि इस मामले को लेकर पिछले हफ्ते विदेश मंत्री एस जयशंकर ने पीएम मोदी से मुलाकात की थी। इसके बाद विदेश मंत्री ने बांग्लादेश की अंतरिम सरकार से बात की थी। इस दौरान विदेश मंत्री ने बांग्लादेश में हिंदुओं के खिलाफ बढ़ती हिंसा को लेकर चिंता जताई थी। पीएम मोदी से मुलाकात के बाद विदेश मंत्री जयशंकर ने संसद को भी मामले की जानकारी दी थी। उन्होंने कहा था कि बांग्लादेश में हिंदुओं पर हो रही हिंसा को लेकर सरकार बहुत सख्त है।