रूस और यूक्रेन के बीच जंग के 1000 से ज्यादा दिन हो चुके हैं. लगातार परमाणु जंग का खतरा बना हुआ है. रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने अपने न्यूक्लियर हथियारों को हाई अलर्ट पर रखा है. लेकिन अभी तक इस्तेमाल नहीं किया है. दुनिया में 9 देश हैं जिनके पास परमाणु हथियार हैं. ये हैं- चीन, फ्रांस, भारत, इजरायल, उत्तर कोरिया, पाकिस्तान, रूस, इंग्लैंड और अमेरिका. इन सबके पास कुल मिलाकर करीब 13080 न्यूक्लियर हथियार हैं.
आर्म्स कंट्रोल एसोसिएशन के मुताबिक ये डेटा सार्वजनिक तौर पर मौजूद है. लेकिन संख्या इससे ज्यादा भी हो सकती है. पहले जानते हैं कि दुनिया में अब भी सबसे ताकतवर परमाणु हथियार कौन-कौन से हैं…
सार बोम्बा (रूस)
ये रूस का 50 मेगाटन ताकत वाला सबसे ताकतवर न्यूक्लियर बम है. इससे बड़ा धमाका आजतक किसी देश ने नहीं किया. यह हिरोशिमा पर गिराए गए 15 किलोटन के परमाणु बम से 3300 गुना ज्यादा ताकतवर था.
बी-41 हाइड्रोजन बम (अमेरिका)
ये अमेरिका का 25 मेगाटन का सबसे ताकतवर परमाणु बम है. कहते हैं कि अमेरिका के पास आज भी इसके वैरिएंट्स मौजूद हैं. 1960 में बने इस बम के कई वैरिएंट्स आज भी अमेरिका के पास मौजूद हैं.
टीएक्स-21 श्रिंप (अमेरिका)
15 मेगाटन का यह बम 1950 में विकसित किया गया था. इसे अमेरिका थर्मोन्यूक्लियर ग्रैविटी बम भी कहता है. 1 मार्च 1954 को अमेरिका ने इसी बम से मार्शल आइलैंड्स के बिकिनी एटॉल पर विस्फोट किया था. इसे नाम दिया गया कैसल ब्रावो (Castle Bravo). इसे हवा में गिराकर फोड़ने के बजाय जमीन पर फोड़ा गया. जितनी उम्मीद थी, उससे ढाई गुना ज्यादा ताकतवर विस्फोट निकला.
बी-53 हाइड्रोजन बम (अमेरिका)
यह 9 मेगाटन ताकत वाला बंकर बस्टर बम है. इसे अमेरिका ने कोल्ड वॉर के समय विकसित किया था. अमेरिका ने 1961 से 65 के बीच ऐसे 340 बम बनाए. 12.4 फीट लंबे इस बम का वजन 4010 किलोग्राम है. लेकिन यह बम रिटायर हो चुका है. इसका नया वैरिएंट बनाया गया है B83. जो इस समय दुनिया का सबसे ताकतवर बम बताया जा रहा है. इसकी तीव्रता 1.2 मेगाटन है.
एएन-602 (रूस)
ये 8 मेगाटन का सोवियत काल का न्यूक्लियर बम है, जिसे बेहद मजबूत बंकरों को फोड़ने के लिए बनाया गया था. ये सार बोम्बा का ही छोटा वर्जन है.
बी-77 हाइड्रोजन बम (अमेरिका)
7 मेगाटन का अमेरिकी न्यूक्लियर बम आज भी अमेरिकी सेना के पास है. इस बम को 60 हजार फीट की ऊंचाई से सुपरसोनिक गति से गिराया जाता है.
आरडीएस-6 (रूस)
6 मेगाटन का सोवियत काल का न्यूक्लियर बम, जो कम ताकत का था. लेकिन आज इसके वैरिएंट्स मौजूद हैं. इस बम से ही रूस ने अपना पहला परमाणु परीक्षण अगस्त 1953 में किया था. यह विस्फोट वायुमंडल में किया गया था. यानी न जमीन में न हवा में.
W53 हाइड्रोजन बम (अमेरिका)
5 मेगाटन ताकत वाला ये बम अमेरिका में 1960 के दशक में बना था. जिसे अब अमेरिका ने अपने छोटा करके ICBM मिसाइलों में लगा रखा है.
RS-28 Sarmat (रूस)
रूस की RS-28 Sarmat यानी Satan-2 है तो बैलिस्टिक मिसाइल लेकिन इसकी गति इसे हाइपरसोनिक मिसाइल बना देती है. यह मिसाइल 24,500 km/hr की स्पीड से चलती है. इसकी रेंज 18 हजार किलोमीटर है. इसमें कई परमाणु हथियार लगाए जा सकते हैं.
किस देश के पास कितने परमाणु हथियार?
अमेरिका के पास 5748, रूस के पास 5580, चीन के पास 500, फ्रांस के पास 290, इंग्लैंड के पास 225, भारत के पास 172, पाकिस्तान के पास 170, इजरायल के पास 90 और उत्तर कोरिया के पास 50 परमाणु हथियार हैं.
किस देश ने तैनात किए हैं कितने हथियार?
परमाणु हथियारों की तैनाती का मतलब ये है कि ये बम, मिसाइल, फाइटर जेट में लगा कर रखे हुए हैं, ताकि जरूरत पड़ने पर तत्काल हमला किया जा सके. रूस के 1458 और अमेरिका ने 1389 हथियारों को एकदम अटैक मोड में तैयार रखा है. जब भी जरूरत पड़े ये इसे दाग सकते हैं.