पतंजलि अस्पताल हरिद्वार
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उत्तराखंड की धार्मिक नगरी हरिद्वार अब स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में भी एक नई पहचान की ओर बढ़ रही है। केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने गुरुवार को हरिद्वार में नवनिर्मित ‘पतंजलि इमरजेंसी एंड क्रिटिकल केयर हॉस्पिटल’ का विधिवत शुभारंभ किया। इस अवसर पर उन्होंने इसे देश की स्वास्थ्य व्यवस्था के लिए एक मील का पत्थर बताया।
अमित शाह ने अपने संबोधन में कहा कि पतंजलि योगपीठ ने योग और आयुर्वेद के माध्यम से भारत की प्राचीन चिकित्सा पद्धतियों को पूरी दुनिया में नई पहचान दिलाई है। अब पतंजलि आधुनिक चिकित्सा सुविधाओं से युक्त इस अस्पताल के जरिए इमरजेंसी और क्रिटिकल केयर के क्षेत्र में भी महत्वपूर्ण योगदान देने जा रहा है।
🏥 आधुनिक सुविधाओं से लैस अस्पताल
केंद्रीय गृह मंत्री ने कहा कि यह अस्पताल गंभीर बीमारियों और आपातकालीन परिस्थितियों में मरीजों के लिए जीवन रक्षक केंद्र साबित होगा। यहां आधुनिक तकनीक, अत्याधुनिक चिकित्सा उपकरण और अनुभवी डॉक्टरों की टीम उपलब्ध रहेगी।
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि सरकार का लक्ष्य है कि:
- हर नागरिक को सस्ती और सुलभ स्वास्थ्य सेवाएं मिलें
- आपातकालीन इलाज के लिए लोगों को दूर न जाना पड़े
- निजी और सामाजिक संस्थाएं भी स्वास्थ्य क्षेत्र में भागीदारी निभाएं
पतंजलि का यह प्रयास सरकार के इसी विज़न को मजबूत करता है।
🌄 उत्तराखंड के लिए बड़ी उपलब्धि
इस अवसर पर उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि हरिद्वार की पहचान अब केवल धार्मिक और आध्यात्मिक केंद्र तक सीमित नहीं रही। अब यह शहर एक प्रमुख हेल्थकेयर हब के रूप में भी उभर रहा है।
उन्होंने कहा कि:
- यह अस्पताल उत्तराखंड के साथ-साथ
- उत्तर प्रदेश, हिमाचल और अन्य पड़ोसी राज्यों
के मरीजों के लिए भी राहत लेकर आएगा।
🧘♂️ सेवा भाव के साथ चिकित्सा
योग गुरु स्वामी रामदेव ने इस मौके पर कहा कि पतंजलि का उद्देश्य केवल व्यवसाय करना नहीं, बल्कि मानवता की सेवा करना है। उन्होंने बताया कि पतंजलि का मॉडल सेवा, स्वदेशी सोच और समग्र स्वास्थ्य पर आधारित है, जिसमें आयुर्वेद, योग और आधुनिक चिकित्सा का संतुलन देखने को मिलेगा।