घुसपैठियों को बाहर
अमित शाह का बड़ा बयान: ‘केदारनाथ से कन्याकुमारी तक घुसपैठियों को बाहर करेंगे’
केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने उत्तराखंड के हरिद्वार में एक विशाल जनसभा को संबोधित करते हुए एक बड़ा बयान दिया। शाह ने कहा कि “हम सरकार केदारनाथ से कन्याकुमारी तक एक-एक घुसपैठिए को देश से बाहर करने के लिए संकल्पबद्ध होकर कार्य कर रहे हैं।” यह बयान राज्य और देश की सुरक्षा से जुड़ा महत्वपूर्ण मुद्दा है, जो आने वाले चुनावी माहौल में बड़ा मुद्दा बन सकता है।
उत्तराखंड में राज्य निर्माण की ऐतिहासिक चर्चा
अपने संबोधन में अमित शाह ने उत्तराखंड के राज्य आंदोलन का उल्लेख करते हुए कहा कि उत्तराखंड के युवाओं ने अपनी पहचान, संस्कृति और अधिकारों की रक्षा के लिए संघर्ष किया था। उन्होंने याद दिलाया कि जब अटल बिहारी वाजपेयी की सरकार थी, तो उत्तराखंड समेत झारखंड और छत्तीसगढ़ जैसे नए राज्यों का गठन हुआ था, जो अब तेज़ी से विकास की दिशा में अग्रसर हैं।
उत्तराखंड के विकास में सरकार की भूमिका
अमित शाह ने 2017 से लेकर अब तक के समय को उत्तराखंड के विकास के लिए समर्पित बताया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने राज्य की समस्याओं का समाधान करने के लिए कड़ी मेहनत की है, जिससे राज्य अब दोगुनी गति से विकास की दिशा में बढ़ रहा है।
नए कानूनों का प्रभाव
गृह मंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में लागू किए गए नए न्याय संहिता और नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि इस नई न्याय संहिता के लागू होने से एफआईआर दर्ज होने से लेकर उच्चतम न्यायालय तक फैसला आने में अधिकतम तीन साल का समय लगेगा। साथ ही, उन्होंने पाकिस्तान और अफगानिस्तान से आए हिंदू, सिख, बौद्ध और जैन शरणार्थियों को भारत में नागरिकता देने की प्रक्रिया को सराहा।
उत्तराखंड में नकल विरोधी कानून की सराहना
अमित शाह ने उत्तराखंड में लागू नकल विरोधी कानून की भी सराहना की। उन्होंने बताया कि अब राज्य में बिना पर्चा और बिना खर्चा के युवाओं को सरकारी नौकरियां मिल रही हैं। उन्होंने हाल ही में उत्तराखंड पुलिस में नियुक्त होने वाले 1900 युवाओं को भी बधाई दी।
2027 में कुंभ मेला के लिए बड़े दावे
अमित शाह ने यह भी कहा कि 2027 में हरिद्वार में आयोजित होने वाला कुंभ मेला नए रिकॉर्ड स्थापित करेगा। इसके साथ ही, उन्होंने केंद्र सरकार की वाइब्रेंट विलेज योजना की बात की, जो सीमांत गांवों के विकास और पलायन रोकने में अहम भूमिका निभाएगी।
उत्तराखंड को मिली केंद्रीय सहायता
शाह ने यह भी बताया कि 2004 से 2014 के बीच उत्तराखंड को केंद्र से करीब 54 हजार करोड़ रुपये मिले थे, जबकि अब तक राज्य को 1 लाख 87 हजार करोड़ रुपये की केंद्रीय सहायता मिल चुकी है। इसके अलावा, ऑल वेदर रोड और दिल्ली–देहरादून आर्थिक कॉरिडोर जैसे बड़े प्रोजेक्ट्स पर भी कार्य जारी है।
राज्य की अर्थव्यवस्था में सुधार
अमित शाह ने कहा कि 2014 में उत्तराखंड की प्रति व्यक्ति आय करीब 1.25 लाख रुपये थी, जो अब बढ़कर लगभग 2.60 लाख रुपये हो चुकी है। इस प्रकार, राज्य की अर्थव्यवस्था तेजी से मजबूत हो रही है और विकास के मार्ग पर आगे बढ़ रही है।