अनिल अंबानी सुप्रीम कोर्ट हलफनामा
देश के प्रमुख उद्योगपति अनिल अंबानी ने सुप्रीम कोर्ट में औपचारिक हलफनामा दायर किया है कि वे अदालत की अनुमति के बिना भारत नहीं छोड़ेंगे। यह हलफनामा RCOM और उसकी समूह कंपनियों से जुड़े कथित बैंक फ्रॉड की जांच के संदर्भ में पेश किया गया।
हलफनामे के प्रमुख बिंदु
- अनिल अंबानी ने अदालत को आश्वासन दिया कि वे जांच एजेंसियों के साथ पूर्ण सहयोग जारी रखेंगे।
- उन्होंने स्पष्ट किया कि जुलाई 2025 से भारत से बाहर नहीं गए और फिलहाल विदेश यात्रा की कोई योजना नहीं है।
- यदि भविष्य में विदेश यात्रा आवश्यक हुई, तो इसके लिए सुप्रीम कोर्ट की पूर्व अनुमति लेंगे।
जांच का संदर्भ
- मामला: ईएएस सरमा बनाम भारत सरकार के तहत जनहित याचिका (PIL)।
- जांच एजेंसियां: प्रवर्तन निदेशालय (ED) और केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI)।
- आरोप: RCOM, रिलायंस इन्फ्राटेल और रिलायंस टेलीकॉम ने 2013-17 में 31,580 करोड़ रुपये का ऋण प्राप्त किया, जिसका कथित दुरुपयोग हुआ।
कथित फ्रॉड के विवरण
- फंड का इस्तेमाल असंबंधित ऋण चुकाने, संबंधित पक्षों को हस्तांतरण, म्यूचुअल फंड/FD निवेश और जटिल सर्कुलर रूटिंग के लिए किया गया।
- याचिकाकर्ता का दावा: CBI और ED की कार्रवाई सिर्फ़ आंशिक जांच है; बैंक अधिकारियों और नियामकों की भूमिका पर पर्याप्त जांच नहीं हुई।
सुप्रीम कोर्ट की कार्रवाई
- 4 फरवरी 2026 को अदालत ने विशेष जांच दल (SIT) गठित करने का आदेश दिया।
- CBI को निर्देश कि बैंक अधिकारियों की किसी भी संभावित मिलीभगत की जांच सुनिश्चित करें।