सेना दिवस 2026: मोदी ने भारतीय सेना को किया नमन, देश के जांबाजों को दी श्रद्धांजलि

सेना दिवस मोदी


15 जनवरी को भारत देश पूरे उत्साह और गर्व के साथ सेना दिवस 2026 मना रहा है। इस अवसर पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने भारतीय सेना के साहस, समर्पण और देश के प्रति उनकी अटूट प्रतिबद्धता को नमन किया। उन्होंने अपने संदेश में ड्यूटी के दौरान सर्वोच्च बलिदान देने वाले सैनिकों को भी श्रद्धांजलि अर्पित की।

प्रधानमंत्री ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा:
“सेना दिवस पर हम भारतीय सेना के साहस और दृढ़ प्रतिबद्धता को सलाम करते हैं। हमारे सैनिक निस्वार्थ सेवा का प्रतीक हैं, जो सबसे चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में भी दृढ़ संकल्प के साथ देश की रक्षा करते हैं।”


मोदी के संदेश की मुख्य बातें

  • सैनिकों की निस्वार्थ सेवा और देशभक्ति को सलाम किया।
  • ड्यूटी के दौरान शहादत देने वाले जवानों को श्रद्धांजलि अर्पित की।
  • भारतीय सेना की कर्तव्यनिष्ठा और साहस ने देशवासियों में विश्वास और गर्व पैदा किया।
  • पूरे देश को याद दिलाया कि सेना दिवस सिर्फ़ जश्न का दिन नहीं, बल्कि सैनिकों की बलिदानों और पराक्रम का प्रतीक है।

सेना दिवस का महत्व

  • सेना दिवस हर साल 15 जनवरी को मनाया जाता है।
  • इस दिन 1949 में फील्ड मार्शल के एम करिअप्पा बने थे भारतीय सेना के पहले भारतीय कमांडर-इन-चीफ
  • सेना दिवस पर पूरे देश में आयोजित कार्यक्रमों में शामिल होते हैं:
    • भव्य सेना परेड
    • माल्यार्पण समारोह
    • वीर सैनिकों को सम्मान देने की विशेष प्रस्तुतियाँ

भारतीय सेना: देश की शान

भारतीय सेना न केवल देश की रक्षा करती है, बल्कि आपदा और संकट के समय नागरिकों की सहायता में भी सबसे आगे रहती है। उनके बलिदान और साहस की वजह से भारत दुनिया में सम्मान और सुरक्षा का प्रतीक बन पाया है।

  • जवान हर समय तैयार रहते हैं, चाहे वह सीमा पर हो या प्राकृतिक आपदा के समय।
  • ड्यूटी के दौरान जीवन की परवाह न करना और देशभक्ति की भावना भारतीय सेना की सबसे बड़ी ताकत है।
  • सेना दिवस का उद्देश्य इन्हीं साहसी और समर्पित सैनिकों को सम्मान देना है।

देशवासियों के लिए संदेश

प्रधानमंत्री मोदी ने इस अवसर पर सभी नागरिकों से आग्रह किया कि वे सैनिकों की भू‍मिका और बलिदान को समझें और उनके प्रति सम्मान व्यक्त करें। यह दिन हमें यह याद दिलाता है कि हमारे जांबाजों की वजह से ही हम सुरक्षित हैं।

  • सैनिकों की सेवा को सलाम करें।
  • उनके परिवारों का सम्मान करें।
  • बच्चों और युवाओं में देशभक्ति और समर्पण की भावना पैदा करें।

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