‘जब तक आखिरी तमिल जिंदा है, तब तक कोई छू नहीं सकता’, उदयनिधि स्टालिन ने किसे ललकारा

तमिलनाडु के उपमुख्यमंत्री उदयनिधि स्टालिन ने राज्य के लोगों से अपने बच्चों के तमिल नाम रखने की अपील की है। उन्होंने कहा, ‘मैं नवविवाहित जोड़ों से गुजारिश करता हूं कि वे अपने बच्चों का कोई सुंदर सा तमिल नाम रखें। कई लोग तमिलनाडु में हिंदी थोपने की कोशिश कर रहे हैं। वे ऐसा सीधे तौर पर नहीं कर सकते। इसलिए वे हमारे राजकीय गीत तमिल थाई वाजथु से कुछ शब्द हटाना चाहते हैं।’ उदयनिधि ने कहा कि नई शिक्षा नीति के जरिए हिंदी को थोपने की कोशिश की जा रही है। मगर, उन्हें लगातार असफलता मिली है।

उदयनिधि स्टालिन ने कहा, ‘पहले भी किसी ने तमिलनाडु का नाम बदलने की कोशिश की। लेकिन, पूरे राज्य की ओर से आपत्ति जताई गई तो उन्हें माफी मांगनी पड़ी। अब कुछ लोग तमिल थाई वाजथु से ‘द्रविड़म’ शब्द हटाने की बात कर रहे हैं।’ उन्होंने जोर देते हुए कहा कि जब तक डीएमके का आखिरी कैडर जिंदा है, जब तक आखिरी तमिल जिंदा है, तब तक तमिल, तमिलनाडु और द्रविड़म को कोई छू भी नहीं सकता। उदयनिधि ने कहा कि तमिलनाडु कभी भी हिंदी थोपना स्वीकार नहीं करेगा।

तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एम के स्टालिन ने कहा कि परिसीमन कवायद से अधिक बच्चे रखने की उम्मीद जग सकती है। उन्होंने कहा, ‘लोकसभा परिसीमन प्रक्रिया से कई दंपतियों के 16 (तरह की संपत्ति) बच्चों की तमिल कहावत की ओर वापस लौटने की उम्मीदें बढ़ सकती हैं। लेकिन नतीजे जो भी हों, लोगों को अपने बच्चों को तमिल नाम देना चाहिए।’ मुख्यमंत्री ने जनगणना और लोसकभा परिसीमन प्रक्रिया का जिक्र करते हुए कहा कि नवविवाहित जोड़े अब कम बच्चे पैदा करने का विचार त्याग सकते हैं। हिंदू धार्मिक मामलों के विभाग की ओर से आयोजित समारोह में 31 जोड़ों की शादी संपन्न कराई गई। इसके बाद मुख्यमंत्री ने कहा, ‘संसदीय परिसीमन प्रक्रिया से दंपतियों को अधिक बच्चे पैदा करने और छोटा परिवार का विचार छोड़ने के लिए प्रोत्साहन मिल सकता है। परिणाम जो भी हों, लोग अपने बच्चों को तमिल नाम दें।’

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