विराट कोहली की टेस्ट में वापसी पर अश्विन का बयान, बोले- कोई भी फैसला लेने से पहले खिलाड़ी को खुद सोचना चाहिए

भारत के स्टार बल्लेबाज विराट कोहली ने रविवार को रांची में साउथ अफ्रीका के खिलाफ पहले वनडे में शतकीय पारी खेली। उन्होंने 120 गेंदों में 135 रन बनाए। भारत ने 17 रनों से जीत हासिल की और कोहली प्लेयर ऑफ द मैच चुने गए। यह उनका 52वां वनडे शतक था। साउथ अफ्रीका के विरुद्ध टेस्ट सीरीज में सूपड़ा साफ होने के बाद कई रिपोर्ट्स में दावा किया गया कि कोहली, रोहित शर्मा और आर अश्विन को अपने टेस्ट करियर पर दोबारा सोचने के लिए कहा जा सकता है। हालांकि, कोहली ने रांची में प्लेयर ऑफ द मैच अवॉर्ड जीतने के बाद इन अटकलों पर विराम लगा दिया।

रांची वनडे के बाद प्रेजेंटेशन में कोहली ने कन्फर्म किया कि वह सिर्फ एक फॉर्मेट में ही खेलेंगे और उनका टेस्ट रिटायरमेंट से यू-टर्न का कोई इरादा नहीं। भारत के पूर्व दिग्गज स्पिनर अश्विन ने अब इस मामले पर अपनी राय रखी है। उन्होंने दो टूक कहा कि टेस्ट से संन्यास के फैसले पर दोबारा विचार करना अब सही नहीं क्योंकि टीम बदलाव के दौर से गुजर रही है। पूर्व भारतीय कप्तान कोहली ने मई 2025 में इंग्लैंड दौरे से पहले टेस्ट क्रिकेट को अलविदा कहा था। उन्होंने 123 टेस्ट में 9230 रन बनाए, जिसमें 30 शतक हैं। कोहली, रोहित और अश्विन ने पांच महीने के अंदर टेस्ट से संन्यास लिया था।

अश्विन ने सोमवार को अपने यूट्यूब चैनल ‘ऐश की बात’ पर कहा, ”सोचने की क्या बात है? हम जो भी फैसला लेते हैं, वो सोच-समझकर लेते हैं। कोई भी अचानक रिटायरमेंट का फैसला नहीं करता। मुझे पूरा यकीन है कि अगर विराट ने टेस्ट से रिटायरमेंट लिया तो वह बिल्कुल क्लियर थे कि वह ऐसा करना चाहते हैं। कोई भी आनन-फानन में फैसले नहीं लेता। हम सब उस राह से गुजरे हैं। ऑडियंस और फैंस के तौर पर हम सभी विराट कोहली को देखना चाहते हैं। जिस तरह से उन्होंने कल बैटिंग की, फैंस सोचेंगे कि विराट कोहली अपने प्राइम में हैं और हम उन्हें टेस्ट में क्यों नहीं देख पा रहे हैं। टेस्ट क्रिकेट एक अलग तरह की चीज है और उन्होंने इस बारे में अपना फैसला कर लिया है।”

पूर्व स्पिनर ने आगे कहा, ”एक बात साफ कर दूं। फैसला हो चुका है। इसपर दोबारा सोचना सही नहीं है। टीम ट्रांजिशन में है। हालांकि, मैं एक बात कहूंगा कि विराट और रोहित दोनों को एंजॉय करें। प्लीज ऐसा करें क्योंकि जब वे संन्यास लेंगे तो हम ऐसी बातें सुन सकते हैं ‘ओह, वह क्या खिलाड़ी था। प्लीज उसे वापस ले आओ’। मुझे यह बात पसंद नहीं आएगी। वे जितने भी समय खेलें, जब तक वे खेल रहे हैं, हमें उनका सेलिब्रेट करना चाहिए। जैसा कि मैंने कहा, जिंदगी बहुत तेजी से आगे बढ़ती है। समय किसी का इंतजार नहीं करता। यह बहुत जरूरी है कि हम समझें कि समय कम है। इसलिए बेहतर है कि वे जो भी कर रहे हैं, हम उसे एंजॉय करें।”

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