असमिया प्रतिदिन हमला
असमिया प्रतिदिन के कार्यालय पर हमले के बाद भड़के पत्रकारों का प्रदर्शन
गुवाहाटी: असमिया प्रतिदिन अखबार के लखीमपुर स्थित कार्यालय पर शुक्रवार को हुए हमले ने राज्य में मीडिया की स्वतंत्रता को लेकर गहरे सवाल खड़े कर दिए हैं। हमलावरों ने तड़के अखबार के कार्यालय पर पथराव किया और संपत्ति को नुकसान पहुंचाया। इसके अलावा, इस घटना से पहले अखबार के वाहन में आग भी लगाई गई थी। यह हमला असम की मीडिया पर दबाव डालने के प्रयासों को और बढ़ावा देने जैसा प्रतीत हो रहा है।
इस हमले के बाद, गुवाहाटी प्रेस क्लब ने शनिवार को विरोध प्रदर्शन की घोषणा की है और इस घटना की कड़ी निंदा की है। प्रेस क्लब का कहना है कि असम सरकार के तानाशाही रवैये से राज्य के मीडिया संस्थानों को निशाना बनाया जा रहा है।
मुख्यमंत्री हिमांता बिस्वा सरमा पर आरोप
गुवाहाटी प्रेस क्लब ने असम के मुख्यमंत्री हिमांता बिस्वा सरमा पर मीडिया को धमकी देने और उनके खिलाफ कठोर बयान देने का आरोप लगाया है। बयान में कहा गया है कि मुख्यमंत्री के कथित धमकी भरे बयान से यह स्पष्ट संकेत मिलता है कि राज्य की सत्ताधारी सरकार मीडिया पर दबाव बनाने की कोशिश कर रही है।
- मुख्यमंत्री के बयान: मीडिया संस्थानों के खिलाफ दिए गए बयान में सरमा ने राज्य के पत्रकारों और मीडिया को चेतावनी दी थी।
- प्रेस क्लब की प्रतिक्रिया: गुवाहाटी प्रेस क्लब का कहना है कि लोकतांत्रिक देश में मीडिया को इस प्रकार निशाना बनाना असंवैधानिक है और यह लोकतंत्र के चौथे स्तंभ पर हमला है।
पत्रकारों ने की विरोध प्रदर्शन की घोषणा
गुवाहाटी प्रेस क्लब ने इस हमले के विरोध में शनिवार, 11 अप्रैल, 2026 को एक बड़े प्रदर्शन की घोषणा की है। पत्रकारों के इस विरोध प्रदर्शन का उद्देश्य राज्य सरकार के अलोकतांत्रिक रवैये का विरोध करना है।
- प्रदर्शन की तिथि और स्थान: यह प्रदर्शन गुवाहाटी के अंबारी स्थित प्रेस क्लब परिसर में आयोजित किया जाएगा।
- समर्थन की अपील: प्रेस क्लब ने सभी पत्रकारों और मीडियाकर्मियों से अपील की है कि वे इस प्रदर्शन में भाग लेकर मीडिया की स्वतंत्रता को बचाने में योगदान दें।
- जनमत बनाने की कोशिश: विरोध प्रदर्शन का उद्देश्य मीडिया पर हो रहे हमलों के खिलाफ एक मजबूत जनमत तैयार करना है।
क्या था हमला और उसके बाद की स्थिति?
- हमले का विवरण: शुक्रवार की सुबह तड़के अज्ञात हमलावरों ने असमिया प्रतिदिन के लखीमपुर कार्यालय पर पथराव किया। इससे कार्यालय के कुछ हिस्से टूट गए और संपत्ति को नुकसान हुआ।
- कोई घायल नहीं: हालांकि इस हमले में कोई भी कर्मचारी घायल नहीं हुआ, लेकिन संपत्ति का भारी नुकसान हुआ।
- पहले की घटना: इससे पहले अखबार के वाहन में आग लगाने की घटना भी सामने आई थी, जिससे स्थिति और भी तनावपूर्ण हो गई।
मीडिया की स्वतंत्रता को लेकर चिंता
इस हमले के बाद असमिया प्रतिदिन और अन्य मीडिया संस्थानों ने राज्य में पत्रकारिता के माहौल पर चिंता जताई है। गुवाहाटी प्रेस क्लब का कहना है कि मीडिया पर हमलों के इस माहौल ने राज्य की जनता में डर पैदा कर दिया है। लोकतंत्र में मीडिया का प्रमुख भूमिका होती है, और ऐसे हमलों से राज्य का लोकतांत्रिक ढांचा कमजोर हो सकता है।
क्या अब राज्य में प्रेस की स्वतंत्रता खतरे में है?
- तर्क: मीडिया पर बढ़ते हमले और राज्य सरकार की प्रतिक्रियाओं से यह सवाल उठता है कि क्या असम में प्रेस की स्वतंत्रता अब खतरे में है।
- संगठनों का समर्थन: गुवाहाटी प्रेस क्लब सहित कई पत्रकार संगठन इस हमले के खिलाफ एकजुट हुए हैं और सरकार से मीडिया की स्वतंत्रता की सुरक्षा की मांग कर रहे हैं।