ईरान का नया सर्वोच्च नेता बने अयातुल्ला मोजतबा खामेनेई, क्या बदलेगा देश का भविष्य?”

मोजतबा खामेनेई


ईरान के नए सर्वोच्च नेता: अयातुल्ला मोजतबा खामेनेई का उभार

तेहरान/नयी दिल्ली: ईरान के सर्वोच्च नेता के रूप में अयातुल्ला मोजतबा खामेनेई की नियुक्ति ने वैश्विक राजनीति में हलचल मचा दी है। अपने पिता, अयातुल्ला अली खामेनेई की शहादत के बाद, मोजतबा को ईरान का नया सर्वोच्च नेता घोषित किया गया है। इस महत्वपूर्ण फैसले को इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ ईरान की विशेषज्ञों की परिषद (असेंबली ऑफ एक्सपर्ट्स) ने सोमवार तड़के लिया। यह नियुक्ति ईरान की राजनीति में एक बड़ा मोड़ है, खासकर तब जब यह बदलाव युद्ध की स्थिति और सुरक्षा संकट के बीच हुआ है।

मोजतबा खामेनेई का इतिहास और योगदान

  • जन्म: 8 सितंबर 1969 को मशहद में जन्मे मोजतबा खामेनेई अपने पिता के दूसरे बेटे हैं।
  • धार्मिक और राजनीतिक भूमिका: मोजतबा ने अपने जीवन में धार्मिक शिक्षा के साथ-साथ ईरान की सत्ताधारी कक्षा में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। उन्हें इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) का करीबी माना जाता है, जो ईरान की सेना का एक शक्तिशाली और प्रभावशाली हिस्सा है।
  • पिता का साया: उनके पिता अयातुल्ला अली खामेनेई ने ईरान के सर्वोच्च नेता के रूप में देश को दशकों तक नेतृत्व किया। उनकी शहादत के बाद, मोजतबा ने ईरान के भविष्य के लिए जिम्मेदारी संभालने का मार्गदर्शन लिया।

पिता की शहादत के बाद मोजतबा की नियुक्ति

ईरान में 28 फरवरी को हुए इजरायल-अमेरिका के हवाई हमले में अयातुल्ला अली खामेनेई की शहादत के बाद, पूरे देश में एक बड़ी शून्यता का माहौल बन गया था। इस संकट के समय में विशेषज्ञों की परिषद ने जल्दी से एक असाधारण सत्र बुलाया और मोजतबा खामेनेई को नया सर्वोच्च नेता घोषित किया।

असेंबली ऑफ एक्सपर्ट्स ने इस निर्णय को तत्काल लिया, भले ही यह युद्ध और आंतरिक संकट के बीच हुआ। परिषद ने बयान में कहा, “हमने युद्ध की स्थिति और दुश्मन की धमकियों के बावजूद नया नेता चुनने में कोई संकोच नहीं किया।”

अमेरिकी राष्ट्रपति की चेतावनी

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने मोजतबा खामेनेई के इस नियुक्ति पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि अगर उनकी इच्छा के मुताबिक नया नेता नहीं चुना गया, तो ईरान का नया सर्वोच्च नेता “ज़्यादा समय तक नहीं टिक पाएगा।” यह बयान अमेरिकी दृष्टिकोण को दर्शाता है, जो हमेशा से ईरान की आंतरिक राजनीति पर नजर रखता आया है।

सैन्य और सरकार की निष्ठा

ईरान की सशस्त्र सेनाओं ने मोजतबा खामेनेई के प्रति अपनी निष्ठा जाहिर की है। उन्होंने एक बयान में पुष्टि की कि वे ईरान की रक्षा में कोई कसर नहीं छोड़ेंगे और दुश्मनों की साजिशों के खिलाफ खड़े रहेंगे। इसके साथ ही, ईरानी अधिकारियों और संगठनों ने भी नए नेता के प्रति अपनी वफादारी की घोषणा की।

क्या बदलेगा ईरान का भविष्य?

  • मोजतबा खामेनेई की भूमिका: अब जबकि मोजतबा खामेनेई देश के सर्वोच्च नेता बने हैं, उनकी नीति और दृष्टिकोण ईरान के भविष्य के लिए महत्वपूर्ण होंगे। खासकर अमेरिका और इजरायल के साथ तनावपूर्ण रिश्तों में उनके निर्णय अहम होंगे।
  • धार्मिक शक्ति: मोजतबा को ईरान के धार्मिक और सैन्य तंत्र का समर्थन प्राप्त है, और उनकी नियुक्ति से ईरान का आंतरिक संतुलन मजबूत होगा।

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