शेख हसीना के सत्ता से बेदखल होने के बाद से मानो बांग्लादेश की राजनीति पूरी तरह से पलट गई है. कभी भारत का एक भरोसेमंद दोस्त था यह देश, अब दुश्मनों की भाषा बोलने लगा है. कुछ दिन पहले बांग्लादेश में आई भीषण बाढ़ पर अफवाह फैलाई गई थी. सोशल मीडिया पर प्रचार किया जा रहा था कि भारत के फरक्का बैराज खोलने की वजह से पूरा बांग्लादेश बाढ़ में समा गया. अभी ताजा खबर आ रही है, भारत का वीजा लेने के लिए ढाका में भारतीय वीजा सेंटर पर भारत विरोधी नारे लगाए गए. स्थिति इतनी बिगड़ गई कि सेंटर के कर्मचारियों को ढाका में विदेश मंत्रालय को फोन करना पड़ा.
मिली जानकारी के अनुसार, सोमवार को अचानक कुछ लोग ढाका के भारतीय वीजा केंद्र में घुस आए और भारत विरोधी नारे लगाने लगे. एक कर्मचारी ने टाइम्स ऑफ इंडिया को बताया कि कर्मचारी इतने ज्यादा खौफ में आ गए कि उनको अपनी जान का डर लगने लगा. हालांकि भीड़ ने वीजा सेंटर में कोई तोड़फोड़ नहीं मचाई. उच्चायोग ने ढाका में विदेश मंत्रालय को फोन कर इस मामले को उठाया है. साथ ही उच्चायोग ने अपनी सुरक्षा की मांग की.
पुलिस ने बताया कि लोग यहां पर पासपोर्ट लेने आए थे. लेकिन, जैसे ही उनको पता चला कि ढाका में भारतीय वीजा आवेदन केंद्र में उनके वीजा की प्रोसेसिंग में काफी देर लगने वाली है, तो वे उग्र हो गए. उन्होंने भारतीय वीजा सेंटर के सामने विरोध करना शुरू कर दिया. हालांकि, पुलिस ने मौके पर पहुंच कर स्थिति को नियंत्रित कर लिया. वहीं, वीजा सेंटर पर कर्मचारी की कमी रहने की वजह से काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है.
सोशल मीडिया पर कई सारे वीडियो वायरल हो रहे हैं. वीडियों में दिख रहा है कि एक भीड़ ढाका में भारतीय वीजा केंद्र पर भारत विरोधी नारे लगा रहें हैं. ये वहीं लोग थे जिनको भारत का वीजा चाहिए था, लेकिन यहीं लोग भारत-विरोधी नारे लगा रहे हैं. वीडियो में भीड़ को “भारतीय सहयोगी, सावधान रहें… एक बिंदु, एक मांग- हमें वीजा चाहिए.” का नारा लगाते हुए देखा और सुना जा सकता है. हालांकि यह अराजक तत्व बांग्ला भाषा में भारत विरोधी नारा लगा रहे थे.
ढाका में भारत वीजा केंद्र ने पहले ही बता दिया था कि बांग्लादेश में उनके ऑफिस में कर्मचारियों की संख्या बहुत कम है. लोकल स्टाफ अभी ज्वाइन करने वाले हैं. इसलिए वीजा प्रोसेसिंग में देरी हो रहा है. इसलिए, हम अभी पासपोर्ट वापस कर रहे, लेकिन जैसे ही हम फुल कैपिसीटी के साथ काम करना शुरू करेंगे, तो लोगों को एसएमएस के जरिए उनको सूचित किया जाएगा. हर साल लाखों बांग्लादेशी भारत आते हैं. पिछले साल भारत में 16 लाख लोग भारत पहुंचे थे. इसमें सबसे ज्यादा 60% लोग टूरिस्ट वीजा पर, लो 30% मेडिकल के लिए आते हैं.