Bastar Pandum 2026: 16–17 जनवरी से जनपद स्तर पर गूंजेगा बस्तर का लोकउत्सव, दिखेगी जनजातीय संस्कृति की भव्य झलक

Bastar Pandum 2026


Bastar Pandum 2026: बस्तर की लोक-संस्कृति का सबसे बड़ा उत्सव शुरू

छत्तीसगढ़ की समृद्ध जनजातीय लोक-संस्कृति को देश-दुनिया तक पहचान दिलाने के उद्देश्य से आयोजित Bastar Pandum 2026 की तैयारियाँ पूरे बस्तर संभाग में जोरों पर हैं। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के निर्देशन में संस्कृति विभाग द्वारा यह महोत्सव जनपद, जिला और संभाग स्तर पर भव्य रूप से आयोजित किया जा रहा है।

यह सांस्कृतिक महोत्सव 10 जनवरी से 6 फरवरी 2026 तक चलेगा, जिसमें बस्तर की परंपरा, कला और जीवनशैली का अद्भुत संगम देखने को मिलेगा।


📅 दंतेवाड़ा में जनपद स्तर पर 16–17 जनवरी को आयोजन

दंतेवाड़ा जिले में Bastar Pandum 2026 के तहत जनपद पंचायत स्तर का आयोजन 16 और 17 जनवरी को किया जाएगा। जिला प्रशासन ने इसकी सभी तैयारियाँ पूरी कर ली हैं और संबंधित विभागों को जिम्मेदारियाँ सौंप दी गई हैं, ताकि यह दो दिवसीय कार्यक्रम पूरी तरह सफल और व्यवस्थित हो।

इस दौरान ग्रामीण अंचलों से आए लोक कलाकार:

  • पारंपरिक नृत्य
  • लोक संगीत
  • जनजातीय वेशभूषा
  • पारंपरिक वाद्य-यंत्र

के माध्यम से बस्तर की सांस्कृतिक विरासत को जीवंत करेंगे।


🌿 पूरे बस्तर संभाग में होगा व्यापक आयोजन

राज्य शासन ने बस्तर संभाग के सभी 7 जिलों
बस्तर, दंतेवाड़ा, सुकमा, बीजापुर, कांकेर, कोंडागांव और नारायणपुर
को अधिकतम सहभागिता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।

आयोजन की मुख्य बातें:

  • 1885 ग्राम पंचायतों और 32 जनपद मुख्यालयों में आयोजन
  • 12 विधाओं पर आधारित सांस्कृतिक प्रतियोगिताएँ
  • ग्राम स्तर से चयनित दल जनपद स्तर पर भाग लेंगे

💰 पुरस्कार और प्रोत्साहन राशि

Bastar Pandum 2026 में कलाकारों को आकर्षक पुरस्कार दिए जाएंगे:

🟢 जनपद स्तर

  • प्रत्येक विधा से 1 विजेता
  • ₹10,000 की प्रोत्साहन राशि
  • प्रति जनपद ₹5 लाख का बजट

🟡 जिला स्तर (24–29 जनवरी)

  • विजेता दलों को ₹20,000

🔴 संभाग स्तर (2–6 फरवरी, जगदलपुर)

  • कुल 84 चयनित दल
  • प्रथम पुरस्कार: ₹50,000
  • द्वितीय पुरस्कार: ₹30,000
  • तृतीय पुरस्कार: ₹20,000
  • अन्य दलों को ₹10,000 प्रोत्साहन राशि

🎭 केवल मूल बस्तरिया कलाकारों को मिलेगा मंच

इस महोत्सव की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसमें:

  • केवल बस्तर संभाग के वास्तविक मूल निवासी कलाकार ही भाग लेंगे
  • बस्तर की मौलिक कला और संस्कृति को असली पहचान मिलेगी
  • वरिष्ठ कलाकारों के साथ नए और युवा कलाकारों को भी अवसर मिलेगा

सभी विजेताओं को प्रमाण पत्र, स्मृति चिन्ह और पुरस्कार राशि देकर सम्मानित किया जाएगा।


📢 जनउत्सव के रूप में मनाया जाएगा Bastar Pandum

  • समाज प्रमुख
  • वरिष्ठ नागरिक
  • जनप्रतिनिधि
  • संस्कृति प्रेमी

सभी की सहभागिता से यह आयोजन एक भव्य जनउत्सव का रूप लेगा।
इसके प्रचार-प्रसार के लिए प्रिंट, इलेक्ट्रॉनिक और सोशल मीडिया पर विशेष अभियान चलाया जाएगा।

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