हाईकोर्ट में सुनवाई तक संभल कोर्ट कुछ ना करे, मस्जिद सर्वे पर हिंसा के बाद सुप्रीम कोर्ट का आदेश

संभल जामा मस्जिद सर्वे विवाद में सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि अब फिलहाल निचली अदालत इस मामले में कोई ऐक्‍शन न ले। इस मामले में अब हाईकोर्ट की इजाजत के बिना कोई कार्यवाही न की जाए। सुप्रीम कोर्ट ने मामले को अपने पास लंबित रखते हुए अगली सुनवाई 6 जनवरी तय की है।

सुप्रीम कोर्ट ने उत्तर प्रदेश सरकार से यह सुनिश्चित करने के लिए कहा कि संभल में “शांति और सद्भाव” बनाए रखा जाए, क्योंकि यह ट्रायल कोर्ट को 8 जनवरी तक वहां मस्जिद के सर्वेक्षण के संबंध में कोई भी अगला कदम उठाने से रोकता है। इसमें मस्जिद समिति से सर्वेक्षण के ट्रायल कोर्ट के आदेश के खिलाफ उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाने के लिए भी कहा गया है, ऐसी किसी भी याचिका को दायर होने के 3 दिनों के भीतर सूचीबद्ध किया जाएगा। एडवोकेट कमिश्नर की सर्वे रिपोर्ट भी गोपनीय रखी जाएगी।

यह याचिका जामा मस्जिद कमेटी ने सुप्रीम कोर्ट में लगाई थी। सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने याचिकाकर्ता से यह भी पूछा कि वह सुप्रीम कोर्ट आने से पहले हाईकोर्ट क्‍यों नहीं गए। सुप्रीम कोर्ट ने पूछा कि क्‍या 227 के तहत हाईकोर्ट जाना उचित नहीं था? इसके बाद सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि बेहतर होगा कि हम इसे यहीं लंबित रखें। आप अपनी दलीलें हाईकोर्ट के सामने पेश करें। सुप्रीम कोर्ट ने यह भी कहा कि जिला प्रशासन सभी दलों के प्रतिनिधियों के साथ शांति समिति बनाए। कोर्ट ने कहा कि हमें पूरी तरह तटस्‍थ रहना होगा और सुनिश्‍चित करना होगा कि कुछ भी गलत न हो।

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