जिला कांग्रेस अध्यक्ष
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रायपुर। कांग्रेस ने प्रदेश और केंद्र स्तर पर अपने संगठन को मजबूत करने के लिए बड़ा कदम उठाया है। हाल ही में दिल्ली में आयोजित बैठक में यह निर्णय लिया गया कि जिला कांग्रेस अध्यक्षों का प्रदर्शन हर तीन महीने में समीक्षा की जाएगी। इस प्रक्रिया के तहत अध्यक्षों को ग्रीन, यलो और रेड तीन कैटेगरी में बांटा जाएगा।
कैटेगरी और उनका मतलब
- ग्रीन कैटेगरी: जिन अध्यक्षों का प्रदर्शन उत्कृष्ट होगा, उन्हें ग्रीन कैटेगरी में रखा जाएगा।
- यलो कैटेगरी: औसत प्रदर्शन करने वाले अध्यक्षों को यलो कैटेगरी में रखा जाएगा।
- रेड कैटेगरी: लगातार कमजोर प्रदर्शन करने वाले अध्यक्षों को रेड कैटेगरी में शामिल किया जाएगा।
रेड कैटेगरी में शामिल जिला अध्यक्षों को सुधार का अवसर दिया जाएगा, लेकिन अगर सुधार नहीं हुआ, तो उन्हें पद से हटाया भी जा सकता है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने दिल्ली दौरे से लौटने के बाद यह जानकारी साझा की।
प्रशिक्षण और तैयारी
- मंगलवार को इंदिरा भवन में कांग्रेस के नवनियुक्त जिला और शहर अध्यक्षों के लिए विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया।
- बैठक में छत्तीसगढ़ के साथ-साथ जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश, पंजाब, राजस्थान, झारखंड, ओडिशा और तमिलनाडु के अध्यक्ष भी शामिल हुए।
- इस दौरान कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी और केसी वेणुगोपाल मौजूद रहे।
बैठक का मकसद
- नेतृत्व ने स्पष्ट किया कि जिलाध्यक्ष संगठन की रीढ़ हैं।
- उन्हें वैचारिक और रणनीतिक रूप से मजबूत बनाने की जरूरत है।
- इस समीक्षा प्रक्रिया से संगठन में जवाबदेही और प्रदर्शन में सुधार लाने की उम्मीद है।
संभावित प्रभाव
- कमजोर प्रदर्शन वाले अध्यक्षों के पद परिवर्तन से प्रदेश में संगठन की कार्यप्रणाली में बदलाव देखने को मिल सकता है।
- नियमित समीक्षा से कार्यकुशलता बढ़ेगी और जिले स्तर पर पार्टी की मजबूती सुनिश्चित होगी।
- यह कदम युवा और नवनियुक्त अध्यक्षों के लिए चेतावनी भी माना जा रहा है कि संगठन में उत्तरदायित्व गंभीरता से निभाना होगा।