बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ
कोदागांव में बालिकाओं के सशक्तिकरण की मजबूत पहल
उत्तर बस्तर कांकेर। जिले में बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ अभियान को जमीनी स्तर पर मजबूती देने के उद्देश्य से कोदागांव में एक विशेष जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम राष्ट्रीय बालिका दिवस के अवसर पर शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय कोदागांव में आयोजित हुआ, जिसमें शिक्षा, स्वास्थ्य और सुरक्षा जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर बालिकाओं को जागरूक किया गया।
यह आयोजन कलेक्टर श्री निलेश कुमार महादेव क्षीरसागर के निर्देशानुसार महिला सशक्तिकरण केंद्र हब एवं महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा किया गया।
मेधावी बालिकाओं का हुआ सम्मान
कार्यक्रम की सबसे प्रेरणादायक झलक रही मेधावी बिटिया सम्मान समारोह, जिसमें जिले की उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली छात्राओं को सम्मानित किया गया।
सम्मान का विवरण इस प्रकार रहा:
कक्षा 12वीं की मेधावी छात्राएं
- प्रथम स्थान: ₹7,000
- द्वितीय स्थान: ₹5,000
- तृतीय स्थान: ₹3,000
कक्षा 10वीं की मेधावी छात्राएं
- प्रथम स्थान: ₹5,000
- द्वितीय स्थान: ₹3,000
- तृतीय स्थान: ₹2,000
यह राशि सीधे बालिकाओं के बैंक खातों में हस्तांतरित की जा रही है, जिससे उन्हें आगे की पढ़ाई के लिए प्रोत्साहन मिल सके।
विद्यालय स्तर पर भी प्रोत्साहन
इसके साथ ही शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय कोदागांव की कक्षा 9वीं से 12वीं तक की छात्राओं को विद्यालय स्तर पर प्रथम, द्वितीय और तृतीय स्थान प्राप्त करने पर भी पुरस्कृत किया गया। इसका उद्देश्य बालिकाओं में:
- पढ़ाई के प्रति रुचि बढ़ाना
- स्वस्थ प्रतिस्पर्धा को प्रोत्साहित करना
- आत्मविश्वास विकसित करना
रहा।
स्वास्थ्य, पोषण और एनीमिया पर जागरूकता
कार्यक्रम के दौरान स्वास्थ्य विभाग की टीम द्वारा बालिकाओं का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया। साथ ही महत्वपूर्ण विषयों पर जानकारी दी गई, जैसे:
- एनीमिया के लक्षण और कारण
- एनीमिया से बचाव के उपाय
- आयरन युक्त खाद्य पदार्थ
- शिक्षा, स्वास्थ्य और पोषण का आपसी संबंध
इस सत्र ने बालिकाओं को अपने स्वास्थ्य के प्रति सजग रहने का संदेश दिया।
सरकारी योजनाओं की दी गई जानकारी
मिशन शक्ति केंद्र के जिला समन्वयक द्वारा महिला एवं बाल विकास विभाग की विभिन्न योजनाओं की जानकारी साझा की गई, जिनमें शामिल हैं:
- महिला हेल्पलाइन 181
- सखी वन स्टॉप सेंटर
- चाइल्ड हेल्पलाइन 1098
- नोनी सुरक्षा योजना
- पॉक्सो कानून
- बाल श्रम निषेध कानून
साथ ही बालिकाओं को लक्ष्य निर्धारित कर पढ़ाई पर ध्यान केंद्रित करने के लिए प्रेरित किया गया।
बाल विवाह के खिलाफ शपथ
चाइल्ड लाइन की टीम द्वारा बाल विवाह के दुष्परिणामों की जानकारी दी गई और उपस्थित छात्र-छात्राओं को बाल विवाह मुक्त समाज की शपथ दिलाई गई।
सामूहिक सहभागिता से सशक्त संदेश
कार्यक्रम में स्थानीय जनप्रतिनिधि, महिला एवं बाल विकास विभाग के अधिकारी-कर्मचारी, शिक्षकगण और बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे। सभी ने बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ के संदेश को आगे बढ़ाने का संकल्प लिया।